डिजिटल डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन की संस्था की एक याचिका को खारिज कर दिया है और  इस याचिका में कॉलेजियम सिस्टम पर की जा रही टिप्पणी को लेकर कार्रवाई की मांग की गई थी। एसोसिएशन ने इस याचिका में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और कानून मंत्री किरेन रिजिजू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने आज  याचिका को खारिज कर दिया है तथा  इसमें आरोप लगाया गया था कि दोनों ही संवैधानिक पद पर बैठे नेताओं ने कॉलेजियम प्रणाली को लेकर पूर्व में बयानबाजी की थी। याचिका में दावा किया गया है कि दोनों नेताओं ने न केवल न्यायपालिका बल्कि संविधान पर हमला करके सार्वजनिक रूप से सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा को कम किया है।

याचिका में की थी सख्त कार्रवाई की मांग:

इसी के साथ जगदीप धनखड़े और किरेन रिजिजू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी और  इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट में भी इस मामले पर याचिका खारिज हो चुकी है।

मणिपुर हिंसा मामला भी पहुंचा सुप्रीम कोर्ट:

इसके अलावा मणिपुर हिंसा मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है और मणिपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और राज्य की सभी अन्य बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सीजेआई ने कहा कि हम इसे अगले सप्ताह वेकेशन बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करेंगे।

वकील ने कहा कि इसी से जुड़ा मामला सामने आ रहा है और सीजेआई ने कहा कि जब संबंधित मामले को उठाया जाए तो आप उपस्थित रहें।

द केरल स्टोरी से बैन हटाने को लेकर भी याचिका दाखिल:

केरल स्टोरी को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट मे एक नई याचिका दाखिल हुई है और सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर जून के पहले हफ्ते में सुनवाई करने का दिया भरोसा दिया है तथा इस याचिका में कई राज्यों में फिल्म पर लगे बैन को हटाने की मांग की गई है और याचिका पुनीत कौर बाजवा की ओर से दाखिल की गई है।

इसके साथ ही फिल्म देखने आए लोगों और स्क्रीनिंग कर रहे सिनेमाघरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी इस याचिका में की गई है तथा याचिका में हिंदू लड़कियों के अवैध धर्मान्तरण का मसला भी उठा गया है। मांग की गई है कि कोर्ट राज्यों की सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दे, राज्यों से कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट तलब करे और याचिका में पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु , राजस्थान को पक्षकार बनाया गया है।