जयपुर : कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोमवार को राजस्थान में अपनी ही पार्टी की सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उसने पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच सहित तीन मांगें नहीं मानी तो वह पूरे राज्य में आंदोलन करेंगे। पायलट ने इसके लिए राज्य की कांग्रेस सरकार को इस महीने के आखिर तक यानी 15 दिन का समय दिया है। इसके साथ ही पायलट ने कहा कि उनकी ईमानदारी एवं निष्ठा पर उनके घोर विरोधी भी उंगली नहीं उठा सकते। उन्होंने कहा कि वह किसी पद पर रहे या न रहें, लेकिन आखिरी सांस तक राजस्थान के जनता की सेवा करते रहेंगे।
पायलट ने यहां जयपुर में अपनी पांच दिन की जनसंघर्ष पद यात्रा के समापन के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पहली मांग है कि राज्य सरकार राजस्थान लोकसेवा आयोग (आरपीएससी) को बंद कर, पूरे तंत्र का पुनर्गठन करें, नए कानून मापदंड बनें और पारदर्शिता से लोगों का चयन हो। उन्होंने कहा कि मेरी दूसरी मांग है कि पेपर लीक से प्रभावित प्रत्येक नौजवान को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाना चाहिए।
तीसरी मांग है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ लगे आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।’ पायलट ने आगे कहा कि नौजवानों के हित में और भ्रष्टाचार के खिलाफ, इस महीने के आखिर तक अगर ये तीनों मांगें नहीं मानी गईं तो,मैं आप लोगों को बताना चाहता हूं कि अभी मैंने गांधीवादी तरीके से (एक दिवसीय) अनशन किया, जनसंघर्ष यात्रा निकाली है। महीने के आखिर तक अगर कार्रवाई नहीं होती है तो मैं पूरे प्रदेश में आंदोलन करूंगा आप लोगों के साथ। जनता के साथ रहेंगे,गांव, ढाणी, शहरों में हम पैदल चलेंगे। जनता को साथ लेकर चलेंगे, न्याय करवाएंगे। आपकी (लोगों की) बात को रखते रहेंगे।’
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार ऐसा मुद्दा है जो समाज को दीमक की तरह खा रहा है। पेपर लीक के कारण नौजवानों का भविष्य अंधकारमय है । हम लोगों को करार प्रहार करना पड़ेगा। भ्रष्टाचार को समाप्त करना पड़ेगा और जो धारणा बनी हुई कि पांच साल भाजपा, पांच साल कांग्रेस इस धारणा को तोडऩे के लिए हमें दुनिया को दिखाना पड़ेगा कि हम जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं। पायलट ने कहा कि भ्रष्टाचार का मुद्दा नौजवानों के जीवन को अंधकार में धकेल रहा है। इस जनसंघर्ष पद यात्रा का संकल्प भाजपा के शासन में हुए भ्रष्टाचार की जांच करवाना था। इस यात्रा का उद्देश्य नौजवानों के साथ जो धोखा होता है जो भ्रष्टाचार होता है उसको समाप्त करने का हमारा उद्देश्य था।