डिजिटल डेस्क: तमिलनाडु विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जिलों में कथित तौर पर जहरीली शराब से हुई 22 लोगों की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है और घटना के दो दिन बाद मंगलवार को तमिलनाडु की पुलिस ने दावा किया है कि 22 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से नहीं बल्कि मेथेनॉल के सेवन से हुई है।

राज्य के डीजीपी सिलेंद्र बाबू ने कहा कि घटनास्थल से बरामद की गई शराब की जांच की तो पता चला है कि वो मेथेनॉल थी और आगे   उन्होंने कहा कि जब्त की गई शराब की जांच के लिए लैब भेजा गया था, जहां पाया गया कि वो मेथेनॉल है जिसे किसी कारखाने से चुराया गया था।

सरकार ने मामले की जांच अपराध शाखा-आपराधिक जांच विभाग (सीबीसीआईडी) के पास भेज दिया है  और डीजीपी ने कहा कि इस मेथेनॉल को अमरन ने ओथियूर से बेचा था। गिरफ्तारी और पूछताछ में बताया है कि उसने इसे मुथु से खरीदा था जबकि मुथु इसे पुडुचेरी के एझुमलाई से खरीदा था।

उन्होंने कहा कि घटना के सिलसिले में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है जिसकी अमावसई के रूप में पहचान हुई है और  डीजीपी के मुताबिक, साल 2022 में नकली शराब के संबंध में कुल 1,40,649 मामले दर्ज किए गए हैं,जिसके आधार पर अब तक 1,39,697 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है और  जबकि 37,217 लीटर नकली शराब के साथ 2,957 वाहन जब्त किए गए हैं।

पिछले महीने बिहार में भी कुछ इसी तरह का मामला सामने आया था और  जहां, मोतिहारी जिले में जहरीली शराब का सेवन करने के 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और  जबकि कईयों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था तथा बिहार एक ड्राई स्टेट है जहां पर शराब की बिक्री पर पाबंदी लगी हुई है।