नई दिल्ली : कांग्रेस ने तीन दिनों की मैराथन बैठकों और गहन मंथन के बाद बृहस्पतिवार को ऐलान किया कि कर्नाटक की सत्ता का ताज सिद्धरमैया के सिर पर सजेगा और प्रदेश पार्टी अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार नई सरकार में उप मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। बेंगलुरू में 20 मई को शपथ ग्रहण का आयोजन होगा। कई दिनों तक चली अनिश्चितता पर विराम लगाते हुए पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने आज यह घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार नयी सरकार में एकमात्र उपमुख्यमंत्री होने के साथ अगले लोकसभा चुनाव तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर भी बने रहेंगे। कांग्रेस के कर्नाटक मामलों के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि 20 मई को दोपहर 12.30 बजे बेंगलुरु में शपथग्रहण होगा। शपथ ग्रहण समारोह में समान विचारधारा वाले दलों के नेताओं को आमंत्रित किए जाने की जानकारी देते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि सिद्धरमैया और शिवकुमार के साथ कई और मंत्री भी शपथ लेंगे।
सिद्धरमैया और शिवकुमार को कर्नाटक में कांग्रेस के लिए बड़ी पूंजी बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों की जोड़ी का विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में महत्वपूर्ण योगदान रहा। सत्ता में हिस्सेदारी के फार्मूले से जुड़े सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के लिए एकमात्र फार्मूला सत्ता में जनता की साझेदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री पद का फैसला करने के लिए हुई लंबी चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी पार्टी लोकतांत्रिक है। हम तानाशाही में नहीं, सहमति बनाने में विश्वास करते हैं। कांग्रेस के संगठन महासचिव ने कर्नाटक में अपनी पार्टी की जीत का श्रेय प्रदेश की जनता को दिया और कहा कि यह चुनाव स्पष्ट रूप से गरीबों और अमीरों के बीच था तथा गरीब एवं मध्य वर्ग कांग्रेस के साथ खड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार का भी जीत में महत्वपूर्ण योगदान रहा। वेणुगोपाल के मुताबिक कांग्रेस की जीत की शुरुआत पिछले साल 'भारत जोड़ो यात्रा' के समय से ही हो गई थी औ इस सफलता का बड़ा श्रेय राहुल गांधी के प्रचार एवं मार्गदर्शन को भी जाता है।
बेंगलुरु में आज शाम सात बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई, जिसमें सिद्धरमैया को औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाएगा। सिद्धरमैया और शिवकुमार शाम तक बेंगलुरु पहुंचेंगे। उधर, सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष खडग़े ने बुधवार देर रात पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ मंत्रणा की और फिर सिद्धरमैया और शिवकुमार को इस फार्मूले पर राजी किया गया। इस फार्मूले पर सहमति बनने के बाद सिद्धरमैया और शिवकुमार ने बृहस्पतिवार सुबह खडग़े से उनके आवास पर मुलाकात की। सुरजेवाला ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर जारी की है जिसमें खडग़े विजयी मुद्रा में दोनों नेताओं का हाथ पकड़े नजर आ रहे हैं। कर्नाटक में पार्टी विधायक दल का नेता चुनने के लिए पिछले तीन दिनों से कांग्रेस में गहन मंथन का दौर जारी था। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस मंत्रणा का हिस्सा बने थे। सिद्धरमैया कुरुबा समुदाय से आते हैं और वह मई 2013 से मई 2018 के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। कभी जनता दल और जनता दल (सेक्युलर)का हिस्सा रहे सिद्धरमैया दो बार राज्य के उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। पिछली विधानसभा में वह नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे थे। कर्नाटक में कांग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं।