गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, इनमें एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के माध्यम से गुवाहाटी मेट्रोपॉलिटन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, मांडलिक आयुक्तालय को समाप्त करना, शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के माध्यम के रूप में ओलचिकी लिपि के साथ संथाली भाषा का प्रयोग और असम माइक्रोफाइनेंस प्रोत्साहन और राहत योजना के तीसरे चरण के शुभारंभ के संबंध में कई निर्णय लिए गए। इन निर्णयों का क्रियान्वयन निश्चित रूप से राज्य के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने 852.68 करोड़ रुपए की लागत से भारत के दूसरे सबसे बड़े ओवर ब्रिज एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी।

ओवरब्रिज का निर्माण सेल्फ प्रायोरिटी फंड (एसओपीडी) 2023-24 के तहत गोपीनाथ बरदलै रोड पर दिघलीपुखुरी की तरफ से नुनमाटी की ओर एफसीआई गोदाम समीप तक किया जाएगा। प्रस्तावित ऊंचा गलियारा गुवाहाटी में जीएनबी रोड पर वाहनों के यातायात में सुधार करेगा। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने गुवाहाटी शहर में राजगढ़ रोड की ओर दो लेन की सड़क के विस्तार को भी मंजूरी दी। कैबिनेट बैठक के बाद कैबिनेट के फैसलों की घोषणा करते हुए राज्य सरकार केप्रवक्ता व जनसंपर्क मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि कैबिनेट गुवाहाटी में दिघलीपुखुरी से नुनमाटी में एफसीआई गोदाम तक देश के दूसरे सबसे बड़े ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी। 4 लेन के इस ओवरब्रिज की लंबाई 5.4 किमी होगी। ओवरब्रिज के लिए जल्दी ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार असम में ओलचिकि लिपि में लिखित संथाली भाषा में पूर्व प्राथमिक तथा प्राथमिक स्तर पर अध्यापन की व्यवस्था करने की मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने गुवाहाटी में यातायात व्यवस्था के उन्नयन को भी मंजूरी दी।

कैबिनेट ने फैसला किया कि जिलों में अब उपायुक्त का पद नहीं रहेगा। उपायुक्त की जगह जिला आयुक्त का पद होगा। जिला आयुक्तों को अपने जिले के भीतर स्थानांतरण का अधिकार प्राप्त होगा। जिला आयुक्त तृतीय और चतुर्थं श्रेणी के कर्मचारियों के साथ-साथ राजपत्रित अधिकारियों का भी तबादला कर सकेगा। मंत्रिमंडल ने असम माइक्रोफाइनेंस प्रोत्साहन और राहत योजना 2021 के तहत ऋणी महिलाओं को राहत देने की भी घोषणा की। पहले चरण में 8.73 लाख लाभार्थियों के लिए 1,600 करोड़ रुपए और दूसरे चरण में 98,000 लाभार्थियों के लिए 190 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। असम माइक्रोफाइनेंस इंसेंटिव एंड रिलीफ स्कीम 2021 के तहत 37 ऋण देने वाली संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) को 31 मार्च 2024 तक बढ़ाया गया।