डिजिटल डेस्क: जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में जी20 की मीटिंग का विरोध करने वाले चीन को भारत ने करारा जवाब दिया है और भारत ने कहा कि हम अपने क्षेत्र में कहीं भी मीटिंग आयोजित करने के लिए स्वतंत्र हैं। चीन ने यहां श्रीनगर में जी20 टूरिज्म ग्रुप की मीटिंग का बॉयकॉट किया और साथ ही जम्मू कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताया और कहा कि वह इस तरह की किसी भी मीटिंग का हिस्सा नहीं होगा।
भारत ने साफ किया कि हम अपने क्षेत्र में कहीं भी मीटिंग आयोजित कर सकते हैं और हम इसके लिए स्वतंत्र हैं। भारत ने साथ ही कहा कि सीमा पर शांति के बाद ही चीन के साथ संबंध सामान्य हो सकते हैं तथा चीन अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख को भी विवादित क्षेत्र मानता है, और यहां आयोजित बैठकों का भी चीन ने बॉयकॉट किया था।
ओआईसी के सदस्य देश कर रहे मीटिंग का विरोध:
चीन के अलावा सऊदी अरब और तुर्की भी उन देशों में शामिल है जिसने शिरकत की पुष्टि नहीं की है। अब ऐसे में एजिप्ट भी श्रीनगर मीटिंग से दूर रह सकता है और ये सभी देश ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन के सदस्य हैं, जो जम्मू कश्मीर पर भारत के आलोचक रहे हैं। खबर लिखे जाने ओआईसी के अन्य सदस्य देशों इंडोनेशिया, बांग्लादेश, ओमान, युनाइटेड अरब अमिरात ने मीटिंग में हिस्सा लेने की पुष्टि की है।
जी20 मीटिंग से पहले श्रीनगर में सुरक्षा कड़ी:
कुछ देशों के नेता मीटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे, लेकिन वे अपने राजनयिकों को भेज सकते हैं और इंडोनेशिया भी दिल्ली में मौजूद अपने राजनयिक को मीटिंग में भेजने का फैसला किया है। कुछ देशों ने सुरक्षा के लिहाज से मीटिंग से दूर रहने का फैसला किया है हालांकि, श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है तथा हाई-प्रोफाइल मीटिंग से पहले यहां सुरक्षा के कई लेयर तैयार किए गए हैं।
युनाइटेड नेशन के अधिकारी को भारत का जवाब:
अल्पसंख्यक पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत फर्नांड डी वेरेनेस ने भारत द्वारा श्रीनगर में मीटिंग का विरोध किया था और उन्होंने कहा था कि भारत श्रीनगर में इसलिए मीटिंग आयोजित कर रहा है ताकि यहां मानवाधिकार उल्लंघनों को नॉर्मलाइज किया जा सके। उन्होंने साथ ही लोकतांत्रिक मूल्यों और अन्य अधिकारों के उल्लंघन का दावा किया था तथा इसपर भारत ने मामले को राजनीतिक रूप देने का आरोप लगाया।