गुवाहाटी : बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एडुकेशन,असम (सेबा)की ओर से आयोजित हाई स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट एक्जामनेशन-2023 यानी मैट्रिक परीक्षा-2023 में कुल 72.69 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे, जबकि पिछले साल 2022 में परीक्षार्थियों का सफलता प्रतिशत 56.49 प्रतिशत था। इस तरह इस बार सफलता प्रतिशत में 16 फीसद से ज्यादा का इजाफा हुआ, जो राज्य सरकार और खासकर शिक्षा विभाग के लिए राहत और खुशी की बात है। दूसरी ओर शंकरदेव शिशु निकेतन, ढेकियाजुली का छात्र हृदम ठाकुरिया कुल 600 में से 596 अंक प्राप्त कर स्टेट टॉपर बनने में सफल बना। साथ ही टेन टॉप में कुल 60 परीक्षार्थियों को जगह मिली। इस परीक्षा में राज्यभर में दूसरे स्थान पर चार परीक्षार्थी रहे, उनमें नगांव गवर्मेंट ब्वॉयज एचएस स्कूल की इशरत फारिहा,नलबाड़ी स्थित आनंद विद्या निकेतन के दो परीक्षार्थी क्रमशः लकी देवी चौधरी और मनमिता शर्मा और सेंट जोसेप स्कू ल सोनारी के आदित्य अनुपम कोंवर शामिल हैं। इन परीक्षार्थियों ने कुल 600 में से 593 अंक प्राप्त कर सेकेंड स्टेट टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया।
592 अंक प्राप्त कर तीन परीक्षार्थी राज्य भर में तीसरे नंबर पर रहे,उनमें दुमुनीचौकी इंग्लिस स्कूल के निलुफर रहमान, आदर्श विद्यापीठ भोलागुड़ी की अंदिता बोरा और शंकरदेव शिशु निकेतन,बहारघाट की मृगांका भट्टाचार्य उल्लेखनीय हैं, जिन्होंने कुल 600 में से 592 अंक प्राप्त कर तीसरे स्टेट टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया। इसी तरह 591 अंक सात परीक्षार्थियों ने प्राप्त किया और वे राज्यभर में चौथे स्थान पर रहे। पांच परीक्षार्थियों ने 590 अंक प्राप्त किया और वे राज्यभर में पांचवें स्थान पर रहे। 589 अंक छह परीक्षार्थियों ने प्राप्त किया और वे राज्यभर में छठें स्थान पर रहे। छह परीक्षार्थियों ने 588 अंक प्राप्त किए और वे राज्यभर में सातवें स्थान पर रहे। 10 परीक्षार्थियों ने 587 अंक प्राप्त किए और वे राज्यभर में आठवें स्थान पर रहे। नौ परीक्षार्थियों ने 586 अंक प्राप्त किए और वे राज्यभर में नौवें स्थान पर रहे। 587 अंक सात परीक्षार्र्थियों ने प्राप्त किया और वे स्टेट भर में 10 वें स्थान पर रहे। उल्लेखनीय है कि प्रथम स्थान और 10 वें स्थान पर रहे परीक्षार्थियों के अंक में महज 10 अंकों का अंतर रहा,इस तरह कहा जा सकता है कि परीक्षार्थियों के बीच कांटे की टक्कर रही।
बताते चलें कि इस बार कुल चार लाख 22 हजार 203 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, उनमें से कुल तीन लाख एक हजार 880 सफल रहे, उनमें से 94913 परीक्षार्थी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि एक लाख 48 हजारॉ 573 दूसरे स्थान पर रहे और 58 हजार 394 तीसरे स्थान पर रहे। इस परीक्षा में लड़कियों से लड़कों का सफलता प्रतिशत बेहतर रहा। लड़कों का सफलता प्रतिशत 74.71 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कियों का सफलता प्रतिशत 70.96 प्रतिशत रहा। यदि परीक्षा परिणाम का जिलेवार अध्ययन करें तो पता चलता है कि इस बार चिरांग जिला 88.68 प्रतिशत सफलता के साथ पूरे राज्य भर में अव्वल रहा। शिवसागर जिला 88.40 प्रतिशत सफलता के साथ पूरे राज्य भर में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि दीमा हसाओ जिला 88.12 प्रतिशत सफलता के साथ तीसरे नंबर पर रहा। उल्लेखनीय है कि लगभग हरेक साल जिलेवार नंबर वन पर रहने वाला धेमाजी काफी पिछड़ गया है। इस साल धेमाजी का सफलता प्रतिशत 72.33 प्रतिशत ही रहा।