गोलाघाट : जिले के देरगांव स्थित लाचित बरफुकन पुलिस अकादमी में आयोजित पुलिस कमांडेंट सम्मेलन में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने हिस्सा लिया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के परेड ग्राउंड पर आयोजित परेड में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने परेड ग्राउंड पर असम पुलिस के जवानों की सलामी ली और उसके बाद जवानों के साहसिक अश्व संचालन और साहसिक बाइक खेलों को भी देखा। इस दौरान उन्होंने असम पुलिस के प्रशिक्षण में उत्कृृष्ट विशेषज्ञता दिखाने वाली पुलिस को 2020-21 का केंद्रीय गृह मंत्री पुरस्कार प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री असम पुलिस के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पुलिस बलों के कमांडेंट के सम्मेलन में भाग लिया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि असम पुलिस में जो बदलाव करने का सरकार से सोचा है, उसमें बटालियन की भूमिका अहम है। जिस तरह राज्य सरकार द्वारा जिला उपायुक्तों या जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ समय-समय पर सभा आयोजित कर उनकी समस्याओं को जानकर उचित समाधान हेतु प्रयास करती है। उसी तरह आज पहली बार बटालियन कमांडेंट के साथ एक सभा आयोजित की गई और उनकी समस्याओं से अवगत हुए। प्रत्येक छह माह में इस बैठक को आयोजित करने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।

उनका कहना था कि देरगांव पुलिस प्रशिक्षण केंद्र का नाम गत वर्ष बदलकर वीर लाचित बरफुकन के नाम से किया गया था। यहां के चार बटालियन व प्रशिक्षण केंद्रों का एकत्रिकरण  भी इस दौरान किए जाने की बात सीएम ने कही।  वहीं इस वर्ष नवंबर माह में नगांव में पुलिस अधिकारियों के साथ स्पोर्ट्स गतिविधियों से जुड़े मुद्दों को लेकर बैठक होगी। इस मौके पर असम पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह भी सम्मेलन में मौजूद थे।