वॉशिंगटन : संसद से कर्ज की मंजूरी हासिल करने की कोशिश में जुटे प्रेसिडेंट जो बाइडेन की एक और कोशिश नाकाम हो गई। बाइडेन ने हाउस स्पीकर कैविन मैक्कार्थी से सोमवार रात लंबी बातचीत की,लेकिन मसले का हल नहीं निकल सका। ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक- बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन के पास अब महज 10 दिन हैं। इस दौरान उन्हें हर सूरत में रिपब्लिकन पार्टी को मनाकर डेट् सीलिंग (आसान भाषा में नए कर्ज के लिए बिल पास कराना) लेना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सरकार किसी तरह के नए पेमेंट्स नहीं कर सकेगी। तकनीकि तौर पर इसे आप दिवालिया होना या डिफॉल्टर कह सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन की सियासी तनातनी का असर अमरीकी शेयर मार्केट पर भी पड़ सकता है। इन्वेस्टर्स के जेहन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। कैश फ्लो कम होने का खतरा भी है। बाइडेन और मैक्कार्थी की बातचीत भले ही किसी नतीजे पर न पहुंची हो, लेकिन मीडिया के सामने दोनों यही कहते रहे कि वक्त रहते इस मुश्किल का हल निकाल लिया जाएगा। ‘यूएस टुडे’ की रिपोर्ट में भी यही भरोसा जताया गया है। इसमें कहा गया कि बहुत मुमकिन है कि मई के आखिरी हफ्ते या जून की शुरुआत में तमाम फाइनेंशियल मैटर सैटल हो जाएं और अमरीकी इकोनॉमी नए ट्रैक पर लौट आए। इसकी एक बड़ी वजह चीन और रूस से मिल रही चुनौती भी है। प्रेसिडेंट बाइडेन 2024 का प्रेसिडेंशियल इलेक्शन लड़ने का ऐलान कर चुके हैं।