डिजिटल डेस्क: असम और मेघालय के बीच लंबे समय से चल रहा सीमा विवाद सुलझते हुए नजर आ रहा है और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के बीच बुधवार को मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा का कहना है कि विवाद वाली 12 जगहों में से 6 को सुलझा लिया गया है और आने वाले दिनों में बाकी के छह इलाकों को लेकर भी सामाधान कर लिया जाएगा तथा मेघालय के सीएम कोनराड संगमा ने भी सीमा विवाद पर शांति की उम्मीद जताई है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि असम-मेघालय के बीच छह इलाकों में चल रहे विवाद को सुलझा लिया गया है और स्थानीय समिति ने इन छह इलाकों का दौरा भी किया था। जून के महीने में हम लोग कार्बी आंगलोंग समेत अन्य इलाकों का दौरा किया जाएगा और मुख्यमंत्री सरमा का कहना है कि इस दौरे के जरिए एक-दूसरे पर विश्वास हासिल किया जाएगा।
असम मुख्यमंत्री का आगे कहना है कि जल्द ही हम लोग बाकी के छह इलाकों के विवाद को सुलझा लेंगे और विवाद के कुल मिलाकर 12 इलाके हैं और इसमें से छह को सुलझा लिया गया है तथा स्थानीय समिति आने वाले दिनों में इन बचे हुए छह इलाकों का भी दौरा करेगी।
जुलाई में फिर होगी मुलाकात:
वहीं, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने असम मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक को लेकर बात की और सीएम संगमा ने कहा कि आज हमारे बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है तथा बचे हुए छह विवादित क्षेत्रों को लेकर समाधान ढूंढने की ये अभी शुरुआत है और हमने स्थानीय समितियों को कहा है कि वो भी समाधान ढूंढें।
मुख्यमंत्री संगमा ने आगे बताया कि हमें इस बात की पूरी उम्मीद है कि इस समस्या का समाधान मिल जाएगा और हमें शांति बरकरार रखनी चाहिए तथा जुलाई में हम लोग फिर से मुलाकात करेंगे।
सुलझ सकता है सीमा विवाद:
दरअसल, असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद 50 साल पुराना है और 1972 में असम से अलग होकर मेघालय बनाने के बाद 12 ऐसे क्षेत्र हैं, जिन्हें लेकर दोनों राज्यों के बीच विवाद है। हाल ही में विवाद सुलझाने के लिए तीन कमेटियां बनाई गईं। उनकी बदौलत ही छह क्षेत्रों का विवाद खत्म हुआ है, जबकि बचे हुए छह क्षेत्रों को लेकर मुख्यमंत्री शांति स्थापित करने की बात कह चुके हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ये विवाद जल्द ही सुलझ जाएगा।