डिजिटल डेस्क: नए संसद भवन को लेकर जारी हंगामा थमता नजर नहीं आ रहा है तथा कांग्रेस समेत 19 दलों ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इन दलों का कहना है कि नई संसद भवन का उद्घाटन राष्टप्रति द्रौपदी मुर्मू को करना चाहिए ना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को, हालांकि कांग्रेस और उसका समर्थन करने वाली पार्टियों के विरोध पर चुप रहने के बजाय बीजेपी लगातार हमलावर बनी हुई है।  इसी कड़ी में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान सामने आया है।

उनका कहना है कि कांग्रेस और कांग्रेस जैसी विचारधारा का समर्थन कर रही पार्टियों का विरोध उनका राजनीतिक दिवालियापल दर्शा रहा है, ये उनकी वैचारिक दरिद्रता का परिजय भी दे रहा है।उनके मुताबिक लोकतंत्र का मंदिर यानी नई संसद भवन देशवासियों के स्वाभिमान, संकल्प, सामर्थ्य और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति को दर्शाता है अब ऐसे में इसका बहिष्कार कर कांग्रेस 140 करोड़ देशवासियों के स्वाभिमान का अपमान कर रही है।

‘ऐतिहासिक मौके पर भी कांग्रेस की खोखली राजनीति’:

उनके मुताबिक कुछ पार्टियां किसी एक पार्टी का विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगी हैं तथा इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पर मोदी का विरोध इतना हावी हो चुका है कि वह ऐतिहासिक मौके पर भी खोखली राजनीति से बाज नहीं आ रही। हालांकि कांग्रेस का इतिहास लोकतंत्र और संविधान के अपमान करने का ही रहा है।

‘कांग्रेस को किस बात से परेशानी?’:

इसी के साथ उन्होंने सवाल किया है कि आखिर राहुल गांधी को परेशानी किस बात से है? क्या देश की बागदौर उससे छीनकर पीएम मोदी को सौंप दी गई, क्या इससे कांग्रेस को परेशानी है, या उनकी ऐतिहासिक गलतियों को पीएम मोदी सुधार रहे हैं, इससे कांग्रेस की कुंठा है? इसी के साथ का उन्होंने कांग्रेस को एक बार फिर अपने कदम पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी नई संसद भवन को लेकर दाखिल की गई एक याचिका को खारिज कर चुका है और इस याचिका में नई संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों के हाथों कराए जाने की मांग की गई थी, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने ये कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि हम इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते।