नई दिल्ली : केंद्रीय पर्यटन सचिव अरविंद सिंह ने शुक्रवार को कहा कि श्रीनगर में आयोजित तीसरी जी-20 ‘टूरिज्म वर्किंग ग्रुप’ (टीडब्ल्यूजी) की बैठक काफी सफल रही और यह जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ भविष्य में पर्यटकों के मन से डर को दूर करने में मदद करेगी। यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए अरविंद सिंह ने कहा कि 22 मई से 24 मई के बीच टीडब्ल्यूजी की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि इस बैठक के दौरान जी-20 के सदस्य देशों, आमंत्रित देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने सतत विकास लक्ष्यों और जी-20 पर्यटन मंत्रियों के घोषणापत्र को पूरा करने के माध्यम के रूप में पर्यटन के लिए जीओए रोडमैप पर अपनी प्रतिक्रिया और सुझाव दिए। सिंह ने कहा कि जी-20 के सदस्य देश मोटे तौर पर एक-दूसरे से जुड़े प्राथमिकता वाले पांच क्षेत्रों पर सहमत हैं जिनमें ग्रीन पर्यटन, डिजिटलीकरण, कौशल, पर्यटन एमएसएमई और गंतव्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पांच प्राथमिकताएं पर्यटन क्षेत्र में बदलाव में तेजी लाने और वर्ष 2023 के सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने के लिहाज से अहम हैं। क्या जी-20 की श्रीनगर में बैठक से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में जम्मू-कश्मीर में 1.88 करोड़ पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की गई थी, जिनमें से 26 लाख ने कश्मीर घाटी का दौरा किया था।
श्रीनगर में जी-20 बैठक की सफलता से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : अरविंद