गुवाहाटी : ब्रह्मपुत्र के उत्तरी तट पर गैंडों के एकमात्र आवास ओरंग नेशनल पार्क और ओरंग टाइगर प्रोजेक्ट ने राज्य में प्रकृृति प्रेमियों और प्रकृति प्रेमी संगठनों के लिए एक अच्छी खबर लाई है। ओरांग नेशनल पार्क में वर्तमान 78.81 वर्ग किमी का क्षेत्र शामिल है। इसके अतिरिक्त 200 वर्ग किमी भूमि जल्द ही जोड़ी जाएगी। दरंग जिले के वन मंडल प्राधिकरण अधिकारी प्रदीप बरुवा से प्राप्त खबर के मुताबिक शोणितपुर जिले के पूर्वी भाग (पांचनै के पूर्व की ओर) से 70 प्रतिशत और दरंग जिले के पश्चिम की ओर से 30 प्रतिशत भूमि के साथ लगभग 200 वर्ग किमी की अतिरिक्त भूमि पार्क में मौजूदा 78.81 वर्ग किमी जैव विविधता भूमि के साथ शामिल करके इसे 278.81 वर्ग किमी वन में परिवर्तित किया जाएगा।
गौरतलब है कि पार्क की पूर्व दिशा में शोणितपुर जिले में 5 हजार व पश्चिम में दरंग जिले में 15 हजार अवैध कब्जाधारी सालों से रह रहे हैं। अतिक्रमणकारियों को कई बार पार्क की भूमि को छोड़ने का आदेश दिया गया है लेकिन वे नहीं हटे। वन विभाग ने 30 अप्रैल को नोटिस जारी कर अतिक्रमणकारियों को 15 मई तक पार्क की अतिक्रमित भूमि छोड़ने के लिए सूचना दी है। ज्यादातर लोग चले गए लेकिन कुछ ने परवाह नहीं की।
इसलिए शोणितपुर जिला प्रशासन 28 व 29 मई को 11 हजार बीघा अतिक्रमित भूमि पर तथा 30, 31 मई व जून को दरंग जिला प्रशासन 10 हजार बीघा अतिक्रमित भूमि से बेदखली कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पार्क में शामिल होने वाली इस 200 वर्ग किमी जमीन के अधिग्रहण को लेकर गजट नोटिफिकेशन पहले ही जारी हो चुका है। अब सिर्फ दो जिला प्रशासनों द्वारा वन विभाग और राष्ट्रीय उद्यान प्राधिकरणों को जमीन सौंपने की औपचारिकता बाकी है।