नई दिल्ली : कोरोना के कारण स्थगित की गई जनगणना की प्रक्रिया लोकसभा चुनावों से पहले नहीं शुरू हो सकेगी। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि महामारी के कारण अनिश्चित काल के लिए स्थगित की गई जनगणना अप्रैल-मई 2024 में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव से पहले होने की संभावना नहीं है। हालांकि जनगणना की कार्रवाई शुरू होने से पहले ये सामने आया है कि जब यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी तो लोगों से कुछ नए तरह के सवाल भी पूछे जा सकते हैं। बता दें कि जनगणना के हाउस लिस्टिंग स्टेज और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट करने की कवायद 1 देश भर में अप्रैल से 30 सितंबर, 2020 तक में होने वाली थी, लेकिन उसी दौरान कोरोना महामारी का प्रकोप आ गया। जिसके कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। तब से लेकर अभी तक सरकार ने जनगणना के लिए कोई अधिसूचना जारी नहीं की है।
जनगणना कराने के लिए 30 लाख सरकारी कर्मचारियों को करानी होगी ट्रेनिंगअधिकारियों का कहना है कि जब भी जनगणना की प्रक्रिया शुरू होगी तब देशभर में इसमें करीबन 30 लाख सरकारी कर्मियों को लगाया जाएगा। ऐसे में उन सभी 30 लाख सरकारी कर्मचारियों/शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए भी दो से तीन महीने की आवश्यकता होगी। इन कर्मियों को जनगणना के लिए प्रगणक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। वहीं, अगले आम चुनाव भी होना है। जिसके लिए चुनाव आयोग जल्दी ही मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण आदि की प्रक्रिया शुरू करेगा। अधिकारियों का कहना है कि अगर 30 जून तक सरकार जनगणना के संदर्भ में कोई अधिसूचना जारी भी करती है तो अक्टूबर से सरकारी कर्मियों को जनगणना की ट्रेंनिग दिलाने के लिए बहुत कम समय है। क्योंकि चुनाव आयोग के मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में भी उन्ही कर्मियों को लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे में प्राथमिकता बदली जा सकती है इसलिए संभावना है कि जनगणना का काम लोकसभा चुनाव के बाद ही किया जाएगा। महापंजीयक और जनगणना आयुक्त के कार्यालय के अनुसार, नागरिकों से पूछे जाने वाले 31 सवाल तय किए जा चुके हैं। इन सवालों में शामिल है कि क्या किसी परिवार के पास टेलीफोन लाइन है, इंटरनेट कनेक्शन है, मोबाइल या स्मार्टफोन है। साइकिल है, स्कूटर है या मोटरसाइकिल है या मोपेड है, क्या उनके पास कार, जीप या वैन है।