डिजिटल डेस्क : मोदी सरकार को सत्ता पर काबिज हुए 9 साल हो गए हैं और 9 साल के इस कार्यकाल के दौरान मोदी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए,फिर वो चाहे तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए कानून लाना हो जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करना। ऐसे ही कुछ बड़े फैसले मोदी सरकार vs देश के डिफेंस सेक्टर को लेकर भी लिए जिससे इसमें काफी बड़े बदलाव नजर आए।

आइए एक नजर डालते हैं पिछले 9 सालों में डिफेंस सेक्टर में आए इन बदलावों पर-

1. रक्षा बजट: पिछले 9 सालों में रक्षा बजट में लगातार वृद्धि देखी गई है और इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश की डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार कितनी प्रतिबद्ध है। डिफेंस सेक्टर में बढ़ी हुई धनराशि आधुनिकीकरण, अधिग्रहण, रिसर्च और विकास के लिए आवंटित की गई है।

2.रक्षा खरीद: देश के डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार इस वक्त आधुनिक हथियार और उभरती तकनीक पर फोकस कर रही है और इसके लिए घरेलू रक्षा उत्पादन भी जोर दिया जा रहा है। इसी के मुताबिक रक्षा खरीद के पूरे प्रोसस को व्यवस्थित किया जा रहा है तथा  सरकार ने इंपोर्ट पर निर्भरता को कम करने के लिए और देश में ही रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ही डिफेंस प्रोक्योरमेंट प्रोसेस (DPP) और मेक इन इंडिया पहल पर जोर दिया गया।

3.डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग: घरेलू रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए मेक इन इंडिया और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप मॉडल जैसी पहलों का इस्तेमाल किया जा रहा है तथा इसके अलावा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में प्राइवेट सेक्टर को भी हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया है और फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।

4.रक्षा आधुनिकीकरण: मोदी सरकार ने पिछले 9 सालों में उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया है  और इसके लिए फाइटर जेट, पनडुब्बियों, आर्टिलरी सिस्टम, हेलीकाप्टरों और मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद सहित कई प्रमुख रक्षा सौदों और अधिग्रहणों को अंतिम रूप दिया गया है।

5.रक्षा कूटनीति: पिछले 9 सालों में डिफेंस डिप्लोमेसी पर भी काफी फोकस किया गया है। इसके तहत भारत के कई देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास, डिफेंस डायलॉग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर ने रक्षा संबंधों को मजबूत किया है।

6.बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत की सीमाओं पर इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की काफी कोशिश की गई है और भारत-चीन और भारत-पाकिस्तान सीमा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर सरकार का खास ध्यान रहा है। बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार लाने के लिए सड़कों, पुलों, सुरंगों और एडवांस सर्विलांस सिस्टम तैयार किए जा रहे हैं।

7. रक्षा सुधार: सरकार ने डिफेंस फोर्सेस की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए संरचनात्मक सुधार शुरू किए हैं और इसके तहत एकीकृत सैन्य कमांड की स्थापना, तीनों सेवाओं के बीच संयुक्तता और एकीकरण को बढ़ावा देना और नए रक्षा सिद्धांतों की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

8.डिफेंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन: देश को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी सरकार ने डिफेंस सेक्टर में भी घरेलू डिफेंस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है और इसके तहत रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के सुधार और प्राइवेट सेक्टर्स के साथ कोलैबोरेशन पर फोकस किया गया।