डिजिटल डेस्क: INS Delhi ASEAN देशों में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की तैनाती के एक हिस्से के रूप में तीन दिनों के लिए सोमवार को मलेशिया के पोर्ट क्लैंग पहुंचा और  आसियान में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड शामिल हैं तथा इसके संस्थापक सदस्यों ने संगठन की स्थापना करते हुए 8 अगस्त 1967 को आसियान घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे और इसे बैंकॉक घोषणा के रूप में भी जाना जाता है।

भारतीय नौसेना पोत आईएनएस दिल्ली की यात्रा से दोनों नौसेनाओं के जवान एक-दूसरे से आपसी सामंजस्य के साथ-साथ सामाजिक संपर्क में स्थापित करेंगे और भारतीय नौसेना ने ट्वीट करते हुए कहा कि स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित INS Delhi मलेशिया के पोर्ट क्लैंग पहुंच गया है। 29-31 मई 23 तक पोर्ट कॉल आसियान देशों में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की तैनाती का हिस्सा है।

नौसेना का कहना है कि इस यात्रा के जरिए भारत और मलेशिया के बीच और दोस्ती के मजबूत रिश्ते होंगे और  INS दिल्ली भारत का पहला स्वदेश निर्मित शिप है और ये गाइडेड मिसाइल विध्वंसक है। शिप तमाम हथियारों और सेंसर से लैस है और मल्टी-रोल हेलीकाप्टरों को ले जा सकता है. वहीं, रविवार को आईएनएस हंसा से भारतीय नौसेना के पी-8आई विमान ने ऑपरेशन कम्पास रोज़ में भाग लेने के लिए बहरीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहली लैंडिंग की।

P-8I विमान ने ऑपरेशन कम्पास रोज में भाग लेने पहुंचा बहरीन:

भारतीय नौसेना की पश्चिमी नौसेना कमान ने ट्वीट करते हुए लिखा कि INS हंसा के P-8I विमान ने कंबाइCMF के हिस्से के रूप में ऑपरेशन कम्पास रोज में भाग लेने के लिए बहरीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहली लैंडिंग की और इसके बाद भाग लेने वाले देशों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत हुई हुई है। कमांडिंग ऑफिसर सीडिआर अमित महापात्रा, पी-8आई स्क्वाड्रन ने किंगडम ऑफ बहरीन में भारत के राजदूत महामहिम पीयूष श्रीवास्तव से मुलाकात की। भारतीय नौसेना का P-8I विमान बेड़ा अमेरिकी दिग्गज बोइंग द्वारा विकसित P-8A पोसीडॉन विमान का एक प्रकार है।