इंफाल : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मणिपुर में शांति और समृद्धि है और उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों को शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि से कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया है। शाह ने इंफाल में पुलिस, सीएपीएफ, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद यह बात कही। उन्होंने ट्वीट किया कि इंफाल में मणिपुर पुलिस, सीएपीएफ और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। मणिपुर की शांति और समृद्धि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, उन्हें शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि से कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया। इससे पहले कुकी नागरिक संस्थाओं के नेताओं से बातचीत के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में इस महीने की शुरुआत में हुई जातीय हिंसा से सबसे बुरी तरह प्रभावित चुराचांदपुर का मंगलवार को दौरा किया।
आईबी प्रमुख और गृह सचिव के साथ हेलीकॉप्टर से उड़ान भरने वाले शाह चर्च के पदाधिकारियों के साथ-साथ कुकी समुदाय के बुद्धिजीवियों से भी मिल रहे हैं, ताकि उनकी शिकायतों को समझा जा सके और पूर्वोत्तर राज्य में शांति लाने के तरीके खोजे जा सकें। शाह ने हिंसा प्रभावित राज्य में शांति लाने की अपनी पहल के तहत महिला नेताओं के एक समूह के साथ भी विचार-विमर्श किया। शाह ने ट्वीट किया, मणिपुर में महिला नेताओं (मीरा पैबी) के एक समूह के साथ बैठक की। मणिपुर के समाज में महिलाओं की भूमिका के महत्व को दोहराया।
हम सब मिलकर राज्य में शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्य में हाल में मैतई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष की कई घटनाएं सामने आई हैं। मणिपुर करीब एक महीने से जातीय हिंसा से प्रभावित है और राज्य में इस दौरान झड़पों में इजाफा देखा गया है। कुछ सप्ताह की खामोशी के बाद रविवार को सुरक्षा बलों एवं उग्रवादियों के बीच गोलीबारी भी हुई। अधिकारियों ने कहा कि संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। गृह मंत्री जातीय हिंसा प्रभावित राज्य में शांति बहाल करने के प्रयासों के तहत वर्तमान में मणिपुर का दौरा कर रहे हैं।