गुवाहाटी : प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद अप्रत्याशित बिजली बिलों को लेकर राज्य के बिजली उपभोक्ताओं में खासा रोष बरकरार है। इसी दौरान असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (एपीडीसीएल) ने पहली जून से बिजली ईंधन और उर्जा शुल्क अचानक बढ़ा दिए हैं। इसके चलते यह हुआ कि घर में चाहे लाइट, पंखे चले या न चले ग्राहकों को प्रति यूनिट बिजली बिल पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। ईंधन और बिजली खरीद मूल्य समायोजन (एफपीपीपीए) में वढ़ोत्तरी के कारण उपभोक्ताओं के बिजली बिल में प्रति यूनिट 8.60 रुपए तक की वृद्धि हुई है।
एपीडीसीएल ने एक नोटिस में कहा कि जीवन धारा योजना के आम ग्राहकों के लिए 5 किलोवाट तक के ईंधन और उर्जा शुल्क में 30 पैसे की वृद्धि की गई है। इससे इस श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं का प्रति यूनिट बिजली बिल 4.35 रुपए होंगे। घरेलू-ए एलटी-2 क्लास की 0.5 किलोवाट श्रेणी में 120 यूनिट तक टैरिफ में 30 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इस श्रेणी की 120 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले ग्राहकों के लिए बिजली की कीमत 5.25 रुपए प्रति यूनिट और 121 से 240 यूनिट तक बिजली की कीमत बढ़ाकर 7.30 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर, 5 किलोवाट से ऊपर घरेलू-बीएलटी-3 श्रेणी के ग्राहकों के लिए टैरिफ में 70 पैसे की बढ़ोतरी की गई है।
इससे इस श्रेणी के ग्राहकों के लिए बिजली की दर 8.15 रुपए प्रति यूनिट हो जाएगी। इसी तरह एलटी-4 कमर्शियल क्लास में किराए में 70 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। इससे इस श्रेणी की बिजली दरों में 8.60 रुपए प्रति यूनिट की बढ़ोतरी होगी। गौरतलब है कि गुवाहाटी में वाणिज्यिक और फ्लैट के निवासियों को बिजली ईंधन और उर्जा शुल्क में वृद्धि के कारण सरकार को बड़ी मात्रा में बिजली शुल्क का भुगतान करना होगा। क्रमशः 1 रुपया और 75 पैसे के सब्सिडी वाले जीवन धारा के उपभोक्ता और एलटी-2 श्रेणी के सामान्य घरेलू ग्राहकों के लिए भी एफपीपीए 30 पैसे लगाया गया है जिस के कारण सरकारी सब्सिडी निरर्थक हो गया है। गौरतलब है कि बिजली उपभोक्ताओं की प्रत्येक श्रेणी में निर्धारित शुल्क लगाया जाता है।
एफपीपीए के नाम पर एपीडीसीएल ने 30 पैसे से 70 पैसे तक चार्ज किया है। चूँकि ग्राहक को यह शुल्क बिल पर देना होगा चाहे वह बिजली का उपभोग करे या न करे, इसे एक अन्य प्रकार का पिक्स्ड चार्ज भी कहा जा सकता है। इस बीच भीषण गर्मी में बार-बार बिजली कटौती से बिजली ग्राहक परेशान हैं। राज्य के अन्य हिस्सों की तो बात ही छोड़ दें, गुवाहाटी और तेजपुर जैसे शहरों में भी लोड शेडिंग जारी है।