गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने वृहस्पतिवार को खानापाड़ा स्थित असम प्रशासनिक पदाधिकारी कॉलेज में जल्द ही राज्य में उद्घाटन होने वाले 19 नवनिर्मित चाय बागान मॉडल स्कूलों में नियुक्त 130 प्राचार्यों व शिक्षकों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। विचारों के आदान-प्रदान के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार चाय समुदाय के छात्रों को शैक्षिक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। चाय बागान क्षेत्र में पिछले साल से 97 चाय बागान मॉडल स्कूलों में पढ़ाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष इन 19 नवनिर्मित चाय बागान मॉडल स्कूलों का उद्घाटन करने के लिए कदम उठाए गए हैं और इन मॉडल स्कूलों का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन 20 जून से 22 जून के बीच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में लगभग 2,600 छात्र पहले ही नामांकित हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक आशाजनक विकास है। सीएम ने आगे कहा कि लोक निर्माण विभाग 100 और मॉडल स्कूलों का निर्माण करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चाय समुदाय की युवा पीढ़ी को उच्च शिक्षा में आगे बढऩे में सक्षम बनाने के लिए 25 कॉलेज स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही आदर्श विद्यालयों को उच्चतर माध्यमिक स्तर पर स्तरोन्नत करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विद्यालयों के शिक्षक एवं प्राचार्य पूरी लगन और मेहनत के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें ताकि वे शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाय बागानों से सटे क्षेत्रों के छात्र इन संस्थानों में अध्ययन कर सकें, इस पर भी जोर दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इन स्कूलों में आवश्यक शिक्षक पदों को भर दिया है और शिक्षण समुदाय से छात्रों को बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक और शैक्षिक रूप से आगे बढ़ाकर एक अनुकरणीय उदाहरण स्थापित करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षण समुदाय से चाय बागान क्षेत्रों में छात्रों की भाषा संबंधी कठिनाइयों को नवीन सोच के साथ हल करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर स्कूल में प्राकृतिक वातावरण बना रहे, इस पर भी प्राचार्य और शिक्षक ध्यान दें मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से विद्यालय परिसर की चारदीवारी के भीतर इन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार एक-एक पौधा लगाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इन मॉडल स्कूलों को स्कूल चलाने से संबंधित खर्च के लिए अपरिभाषित निधि से प्रत्येक को एक-एक लाख रुपए की राशि भी सौंपी। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू, आयुक्त सचिव, शिक्षा विभाग नारायण कोंवर, मिशन निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान असम डॉ. ओमप्रकाश और शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।