नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों में ‘भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार’ को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को ‘परिवारवादी’ राजनीतिक दलों पर निशाना साधा और कहा कि देश अब यह तय करेगा कि ‘रेट कार्ड’ के जरिए उन्हें ‘लूटने वाले’ दलों के भरोसे नौजवानों का भविष्य आगे बढ़ेगा या फिर वह वर्तमान सरकार के ‘सेफ गार्ड’ (सुरक्षित हाथों में) में पनपेगा। रोजगार मेले के तहत 70,126 नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उन्हें संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारवादी दलों ने भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देकर युवाओं के सपनों को ‘चूर-चूर’ किया जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार उनके संकल्पों को साकार करने में लगी है। उन्होंने कुछ दलों पर देश में संघर्ष और विभाजन फैलाने के लिए भाषा का इस्तेमाल हथियार के रूप में करने का भी आरोप लगाया और कहा कि इसके विपरीत उनकी सरकार ने इसका इस्तेमाल रोजगार पैदा करने और लोगों को सशक्त बनाने के लिए किया है। प्रधानमंत्री ने हालांकि इस दौरान किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की ओर था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर भाजपा ने विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए ‘रेट कार्ड’ तय करने के आरोप लगाए हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू प्रसाद पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक पूर्व रेल मंत्री पर नौकरियों के बदले गरीब किसानों की जमीन अपने नाम करवाने के लिए आपराधिक मामला चल रहा है। मोदी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पहले एक से डेढ़ साल लगते थे, लेकिन अब यह पारदर्शी रूप से कुछ महीनों में पूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि एक तरफ परिवारवादी पार्टियां हैं, भ्रष्टाचार करने वाली पार्टियां हैं, देश के नौजवानों को लूटने वाली पार्टियां हैं... उनका रास्ता है रेट कार्ड... जबकि हम युवाओं के भविष्य को 'सेफ गार्ड' करने का काम कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि ‘रेट कार्ड’ युवाओं के सपनों को चूर-चूर कर देते हैं जबकि केंद्र की वर्तमान सरकार उनके संकल्पों को साकार करने में लगी है। उन्होंने कहा कि हम आपकी और आपके परिवार की सभी इच्छाओं और आकांक्षाओं को सेफ गार्ड करने में लगे हैं। अब देश तय करेगा देश के नौजवानों का भविष्य रेट कार्ड के भरोसे चलेगा कि सेफ गार्ड व्यवस्था के अंदर सुरक्षित तरीके से पनपेगा।
केंद्र सरकार के रोजगार अभियान को पारदर्शिता और सुशासन का प्रमाण बताते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि ‘परिवारवादी’ राजनीतिक दलों ने हर व्यवस्था में भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया और जब सरकारी नौकरी की बात आती थी तो वे भ्रष्टाचार ही करते थे। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों लोगों के साथ इन पार्टियों ने विश्वासघात किया है। हमारी सरकार पारदर्शिता भी लाई है और हमने भाई-भतीजावाद को भी खत्म किया है। मोदी ने कहा कि रोजगार मेले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों की पहचान बन गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी देने वाले प्रमुख संस्थानों- संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) और रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने पहले के मुकाबले ज्यादा युवाओं को नौकरी दी हैं। इन संस्थाओं का जोर परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने पर भी रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने लोगों को भाषा के नाम पर एक-दूसरे से भिड़ाने और देश को तोड़ने का काम किया लेकिन उनकी सरकार भाषा को लोगों को रोजगार देने का माध्यम बना रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी को अपना सपना पूरा करना हो तो कोई भी भाषा उसके सामने दीवार ना बने। भारत सरकार आज जिस तरह मातृभाषा में भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं पर जोर दे रही है उसका भी सर्वाधिक लाभ युवाओं को मिल रहा है।
क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा होने से युवाओं को आसानी से अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को लेकर जितना विश्वास और उसकी अर्थव्यवस्था पर जितना भरोसा आज है, वह पहले कभी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया हमारी विकास यात्रा में साथ चलने को तत्पर है। भारत को लेकर विश्वास और हमारी अर्थव्यवस्था पर इतना भरोसा पहले कभी नहीं रहा। तमाम कठिनाइयों के बावजूद भारत अपनी अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। विश्व की बड़ी बड़ी कंपनियां उत्पादन के लिए भारत आ रही हैं। मोदी ने कहा कि वैश्विक मंदी, कोरोना महामारी और यूक्रेन-रूस युद्ध के बावजूद भारत अपनी अर्थव्यवस्था को नयी ऊंचाई पर ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत एक दशक पहले की तुलना में ज्यादा स्थिर, ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा मजबूत देश है।