गुवाहाटी : राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की उपस्थिति में बुधवार को जनता भवन में आयोजित कार्यक्रम में गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के लिए दूसरे प्रवेश द्वार के निर्माण और आईडब्ल्यूटी जहाजों के लिए उच्च गति डीजल की आपूर्ति के लिए रेलवे और एनआरएल के साथ दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। रेलवे के साथ समझौता ज्ञापन के एक हिस्से के रूप में असम राज्य परिवहन निगम (एएसटीसी)और पूर्वोत्तर सीमा रेलवे ने गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के लिए दूसरे प्रवेश द्वार के निर्माण के लिए भूमि के आदान-प्रदान के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। एमओयू के तहत एएसटीसी ने रेलवे को 4 बीघा, 4 कट्ठा और 19 लेचा जमीन सौंपी।
बदले में रेलवे ने राष्ट्रीय राजमार्ग नं. 31 के पास जालुकबाड़ी में एएसटीसी को 20 बीघा, 2 कट्ठा और 1 लेचा जमीन दी है। इसके अलावा रेलवे ने एएसटीसी को 5.93 करोड़ रुपए दिए हैं। इसके अतिरिक्त अंतर्देशीय जल परिवहन निदेशालय, असम और एनआरएल के बीच दूसरे समझौता ज्ञापन के एक हिस्से के रूप में आईडब्ल्यूटी को असम में अपने जहाजों के लिए एनआरएल से हाई स्पीड डीजल मिलेगा। उल्लेखनीय है कि एएसटीसी की ओर से एमडी एएसटीसी राहुल दास और एनएफआर की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक लमडिंग डिवीजन साई सिंह कोंग्रीम्माई ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। दूसरी ओर आईडब्ल्यूटी की ओर से पार्थ पेगु निदेशक आईडब्ल्यूटी और एनआरएल की ओर से मुख्य महाप्रबंधक मार्केटिंग एनआरएल सुब्रत दास ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि गुवाहाटी रेलवे स्टेशन को अगली पीढ़ी के स्टेशन में बदलने में यह समझौता ज्ञापन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर सालाना 15-20 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ एक करोड़ यात्री आते हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि इस एमओयू से यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ एक विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन विकसित करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में पिछले नौ वर्षों में असम में 212 किलोमीटर मीटर गेज को ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया है। 200 किमी से ज्यादा रेल ट्रैक को डबल ट्रैक किया जा चुका है। इसके अलावा, रेलवे आगियाथुरी में एक समर्पित फ्रेट स्टेशन और मौजूदा सरायघाट पुल के समानांतर ब्रह्मपुत्र पर एक और रेलवे पुल भी बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि गुवाहाटी रेलवे स्टेशन राज्य और पूर्वोत्तर क्षेत्र के कई स्थानों को जोड़ता है, जहां हर साल एक करोड़ यात्री आते हैं, राज्य को अत्याधुनिक स्टेशन के रूप में अपग्रेड करना लंबे समय से महसूस किया जा रहा है। यह एमओयू एएसटीसी और रेलवे दोनों के लिए जीत की स्थिति होगी क्योंकि दोनों संस्थाओं को इस समझौते से लाभ होगा। यह रेलवे स्टेशन परिसर में भीड़ को कम करने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों समझौता ज्ञापनों से राज्य के विकास की गति में तेजी आएगी। इस अवसर पर असम सरकार के शिक्षा सलाहकार प्रो. ननी गोपाल महंत, आयुक्त परिवहन आदिल खान, महाप्रबंधक एनएफ रेलवे चेतन श्रीवास्तव, एमडी एनआरएल भास्कर ज्योति फुकन और सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।