डिजिटल डेस्क: मणिपुर में अभी भी पूरी तरह से शांति स्थापित नहीं हुई है,रह रहकर यहां पर हिंसा हो रही है। गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के बाद कुछ दिनों तक पूरी तरह से शांति लौटी थी और चीजें पटरी पर लौटीं थीं मगर इसके बाद फिर से दंगाई उपद्रव पर उतारू हैं। राजधानी के पूर्वी जिले में सेना, असर राइफल्स, रैपिड एक्शन फोर्स और राज्य पुलिस के संयुक्त बलों ने आधी रात तक फ्लैग मार्च किया। क्वाथा और कांगवई इलाकों में हथियारों से गोलीबारी हुई,सुबह तक रुक-रुक कर गोलीबारी हुई।

मणिपुर में देर शाम से ही आगजनी, हिंसा की खबरें फिर से आई,सेना और पुलिस के सूत्रों ने बताया कि सुबह-सुबह तक फायरिंग की आवाजें आईं। आधी रात तक सुरक्षाकर्मी फ्लैगमार्च करते रहे,और  एक अस्पताल के पास पैलेस कंपाउंट में आगजनी का प्रयास किया गया। शुक्रवार शाम लगभग 1000 लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई और आगजनी और तोड़फोड़ किया। RAF ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और रबड़ की गोलियां दागी,इसमें दो नागरिक घायल हो गए।

मणिपुर यूनिवर्सिटी के पास इकट्ठा हुई भीड़:

मणिपुर यूनिवर्सिटी के पास भीड़ इकट्ठा हो गई थी और  रात तकरीबन 10.30 के बाद थोंगजू के पास 200-300 इकट्ठा हुए और स्थानीय विधायक के आवास पर तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। रैपिड एक्शन फोर्स की एक यूनिट ने भीड़ को तितर-बितर किया। सेना के एक सूत्र के अनुसार 200-300 की भीड़ ने सिंजेमाई में आधी रात के बाद भाजपा कार्यालय को चारों तरफ से घेर लिया था।

नेताओं को बनाया जा रहा निशाना:

इंफाल पश्चिम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अधिकारमयुम शारदा देवी के घर को भी निशाना बनाने की कोशिश की और इसके एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के घर को 1200 लोगों की भीड़ ने पेट्रोल बम से हमला किया। उनके घर का ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर में आग लग गई थी और केंद्र सरकार दोनों पक्षों के बीच में शांति का प्रयास कर रही है. गृहमंत्री अमित शाह ने कई बड़े फैसले भी लिए थे।लोगों ने उनके आवहन पर सरेंडर भी किया था, मगर बार-बार हिंसा हो रही है।