गुवाहाटी : असम में बाढ़ की स्थिति बुधवार को काफी बिगड़ गई और 10 जिलों में करीब 1.2 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ गए। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, बक्सा, बरपेटा, दरंग, धेमाजी, धुबड़ी, कोकराझाड़, लखीमपुर, नलबाड़ी, शोणितपुर और उदालगुड़ी जिलों में 1,19,800 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। नलबाड़ी सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला है जहां लगभग 45,000 लोग पीड़ित हैं। इसके बाद बक्सा में 26,500 से अधिक लोग और लखीमपुर में 25,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं। मंगलवार तक बाढ़ से 34,000 से अधिक लोग प्रभावित थे।
प्रशासन पांच जिलों में 14 राहत शिविर चला रहा है जहां 2,091 लोगों ने शरण ली है और पांच जिलों में 17 राहत वितरण केंद्र चलाया जा रहा है। सेना, अर्द्धसैनिक बल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, गैर सरकारी संगठनों और स्थानीय लोगों ने विभिन्न स्थानों से 1,280 लोगों को बचाया है। एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में, 780 गांव पानी के नीचे हैं और पूरे असम में 10,591.85 हेक्टेयर फसल क्षेत्र क्षतिग्रस्त हो गया है।
बाक्सा, बरपेटा, शोणितपुर, धुबड़ी, डिब्रूगढ़, कामरूप, कोकराझाड़, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, दक्षिण सालमारा और उदालगुरी में भारी भू-कटाव देखा गया है। वहीं बाढ़ से बाक्सा, नलबाड़ी, बरपेटा, शोणितपुर, बंगाईगांव, दरंग, चिरांग, धुबड़ी, ग्वालपाड़ा, कामरूप, कोकराझाड़, लखीमपुर, नगांव, उदालगुड़ी, धेमाजी और माजुली में तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। बरपेटा, दरंग, कोकराझाड़ और नलबाड़ी जिलों में कई स्थानों पर शहरी क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। एएसडीएमए ने कहा कि ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।