गुवाहाटीः विश्व विख्यात कामाख्या शक्तिपीठ में आयोजित अंबुवासी मेला कल से शुरू होने जा रहा है, जो आगामी 26 जून तक चलेगा। जिला प्रशासन तथा कामाख्या देवालय की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। नीलाचल पहाड़ स्थित माता के दरबार में पिछले कई दिनों से श्रद्धालु एवं भक्तों का आने का सिलसिला जारी है। नीलाचल पहाड़ पर चारों तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी है। मालूम हो कि अंबुवासी मेले के दौरान कामाख्या धाम में में श्रद्धालुओं के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण वे जहां-तहां ठहरे हुए हैं। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से पेयजल,स्वास्थ्य सेवा, शौचालय की व्यवस्था की गई है, लेकिन किसी तरह की खाद्य सामग्री के वितरण की व्यवस्था नहीं होगी। श्रीश्री कामाख्या देवालय के दलै कविंद्र प्रसाद शर्मा ने पूर्वांचल प्रहरी को बताया कि इस बार अंबुवासी महायोग का पवित्र पर्व 22 जून से  26 जून तक आयोजन किया जाएगा।

शर्मा ने कहा कि 22 जून की रात 2 बजकर 30 मिनट और 42 सेकेंड पर माता की प्रवृत्ति शुरू होगी, जिसके चलते  कामाख्या मंदिर का कपाट  22 जून को आम लोगों के लिए संध्या होने से पूर्व तक दर्शन की व्यवस्था की गई है।  शाम को आरती होने के बाद मुख्य मंदिर को 23,24 और  25 जून यानी तीन दिनों केलिए बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि निवृत्ति के बाद अंबुवासी महायोग खत्म हो जाएगा। चौथे दिन यानी 26 जून को प्रातः देवी कामाख्या मंदिर की सफाई और नित्य पूजा के बाद मंदिर का द्वार खोल दिया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु माता की अराधना व दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि 26 व 27 जून को  विशेष दर्शन ( 501) वाले टिकट के साथ वीवीआईपी तथा वीआईपी के दर्शन की व्यवस्था बंद रहेगी। किसी प्रकार के पास की व्यवस्था को बंद रखा गया है। उल्लेखनीय है कि कामाख्या के नीचे से आनेवाले भक्तों के लिए मुख्य मार्ग पर कॉरपेट बिछाया गया  है। इसके साथ ही सड़कों पर चिकित्सा सेवा, पेयजल, ठहरने का स्थान व जूता-चप्पल रखने की व्यवस्था की गई है।

अंबुवासी के समय भक्तगण मंदिर की परिक्राम के बाद पूर्व व पश्चिम द्वार से जाएंगे। जिला प्रशासन ने बताया कि कामाख्या धाम में आने वाले श्रद्धालुओं  की सुरक्षा के मद्देनजर देवालय की ओर से 120 स्थायी सुरक्षाकर्मी, 500 स्काउट गाइड, 400 वोलेंटियर के साथ 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। । स्वच्छता बनाए रखने के लिए देवालय की तरफ 200 व 100 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। दिव्यांग तथा बुजुर्ग नागरिकों के लिए फेरी कार की सेवा उपलब्ध होगी। कामाख्या मंदिर तक वाहनों का आवागमन बंद रहेगा।  26 जून को देवी के दर्शन के लिए आनेवाले भक्तों की सुविधा के लिए बंशी बागान में स्थायी ठहरने की जगह, चिकित्सा सेवा, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर भक्तों के लिए 24 घंटे पेयजल,विद्युत, स्वास्थ्य सेवा, शौचालय, सफाई, सुरक्षा आदि उपलब्ध की गई है।