मॉस्को: यूक्रेन जंग में रूस का साथ देने वाली प्राइवेट आर्मी वैगनर ने विद्रोह कर दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक वैगनर ने वोरोनेज और रोस्तोव शहर पर कब्जा कर लिया है। रोस्तोव का मिलिट्री हेडक्वार्टर भी वैगनर के कब्जे में है। रूसी मीडिया आरटी की तरफ से जारी तस्वीरों में रोस्तोव शहर की सड़कों पर वैगनर की बख्तरबंद गाडिय़ां दिखाई दे रही हैं। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, रूस के लिपेत्स्क प्रांत के गवर्नर ने कहा है कि वैगनर ग्रुप उनके इलाके में भी घुस गया है। वैगनर चीफ येवगेनी प्रिगोजिन ने रूसी सेना का एक हेलिकॉप्टर गिराने की बात भी कही है। अल-जजीरा ने खबर दी है कि प्राइवेट आर्मी के मॉस्को की तरफ बढऩे की खबर है। मॉस्को की सड़कों पर बख्तरबंद गाडिय़ां और रूस की सेना तैनात कर दी गई है।
शहर में हाई अलर्ट है और राजधानी को जोडऩे वाला हाईवे बंद कर दिया गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने निजी सेना 'वैग्नर ग्रुप' के प्रमुख येवेनी प्रीगोजिन द्वारा सशस्त्र विद्रोह की घोषणा को 'विश्वासघात' और रूस की 'पीठ में छुरा घोंपने' वाला कदम करार दिया। टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में पुतिन ने रूस की रक्षा करने का संकल्प लिया। प्रीगोजिन की इस बगावत को सत्ता में दो दशकों से अधिक समय में पुतिन के नेतृत्व के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया जा रहा है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने खुफिया सूचनाओं का हवाला देते हुए कहा है कि प्रीगोजिन के नेतृत्व वाली निजी सेना मॉस्को से करीब 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर दक्षिण में रोस्तोव-ओन-दोन शहर पहुंच चुकी है। इस शहर से रूस यूक्रेन में अपने सैन्य अभियान को संचालित कर रहा है। रूस में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि मॉस्को पूरी तरह कमजोर हो चुका है और कीव यूरोप को रूस की बुराइयों और अराजकता के फैलने से बचा रहा है। अपने संबोधन में, पुतिन ने प्रीगोजिन का नाम लिए बिना उसके विद्रोह को, 'विश्वासघात' और 'देशद्रोहÓ करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि विद्रोह की साजिश रचने वाले सभी लोगों को कठोर सजा भुगतनी होगी।
सशस्त्र बलों और अन्य सरकारी एजेंसियों को आवश्यक आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रीगोजिन ने खुद को देशभक्त बताया है। अपने टेलीग्राम चैनल पर 'वैग्नर ग्रुप' के प्रमुख प्रीगोजिन ने कहा कि जहां तक मातृभूमि से विश्वासघात की बात है, तो राष्ट्रपति गलत समझ रहे हैं। हम अपनी मातृभूमि के देशभक्त हैं। प्रीगोजिन ने कहा कि उनके लड़ाके पुतिन के आग्रह पर नहीं लौटेंगे , क्योंकि 'हम नहीं चाहते कि देश भ्रष्टाचार, धोखा और नौकरशाही के चंगुल में फंसा रहे। प्रीगोजिन के लड़ाके यूक्रेन में रूसी सैनिकों के साथ मिलकर लड़ रहे हैं। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि उनके कदम का उद्देश्य क्या है, लेकिन विद्रोह रूसी सैन्य नेताओं के साथ प्रीगोजिन के टकराव बढऩे का संकेत है, जिन पर उन्होंने यूक्रेन में युद्ध को विफल करने और क्षेत्र में अपनी सेना को कमजोर करने का आरोप लगाया है। प्रीगोजिन ने कहा कि यह कोई सैन्य तख्तापलट नहीं है, बल्कि न्याय के लिये अभियान है। प्रीगोजिन ने कहा कि वह और उनके लड़ाके यूक्रेन की सीमा पार करके रूस के रोस्तोव-ओन-दोन शहर में दाखिल हो गए हैं तथा वहां के अहम सैन्य प्रतिष्ठानों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ वीडियो में टैंक सहित सैन्य वाहन सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। प्रीगोजिन ने दावा किया कि यूक्रेन से रूस में दाखिल होते समय उनकी निजी सेना को जांच चौकियों पर युवा सैनिकों से किसी भी तरह के प्रतिरोध का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनके लड़ाके 'बच्चों के खिलाफ नहीं लड़ रहे हैं।'
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो और ऑडियो पोस्ट में प्रीगोजिन ने कहा कि जो भी हमारे रास्ते में आएगा, हम उसे बर्बाद कर देंगे। हम आगे बढ़ रहे हैं और हम अंतिम छोर तक जाएंगे। पुतिन ने विद्रोह की निंदा की, जो ऐसे समय में हुआ है, जब रूस 'अपने भविष्य के लिए सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहा है' क्योंकि पश्चिमी देशों की सरकारें मॉस्को पर प्रतिबंध लगा रही हैं और यूक्रेन को हथियार दे रही हैं। पुतिन ने आरोप लगाया कि पश्चिमी देशों का पूरा सैन्य, आर्थिक और सूचना तंत्र हमारे खिलाफ खड़ा कर दिया गया है। सशस्त्र विद्रोह की घोषणा के बाद, संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) समेत रूस की सुरक्षा सेवाएं प्रीगोजिन की गिरफ्तारी के अभियान में जुट गई हैं। रूस ने 'वैग्नर ग्रुपÓ से उत्पन्न खतरे को कितनी गंभीरता से लिया है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकारियों ने मॉस्को और उसके आसपास के क्षेत्रों में 'आतंकवाद विरोधी शासन' लागू करने की घोषणा की है, जिसके तहत वहां नागरिकों को हासिल कई अधिकारों को सीमित कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि 'वैग्नर ग्रुप' के प्रमुख रूसी शहर में कैसे दाखिल हुए और उनके साथ कितने लड़ाके हैं। प्रीगोजिन ने आरोप लगाया कि उनका लक्ष्य रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू को दंडित करना है, क्योंकि रूसी सरकार के सैन्य बलों ने यूक्रेन में वैग्नर के शिविरों पर रॉकेट, हेलीकॉप्टर और तोपों से निशाना बनाने का आदेश दिया। प्रीगोजिन ने कहा कि रक्षा मंत्री शोइगू से मुलाकात के बाद सेना प्रमुख जनरल वेलेरी गेरासिमोव ने यह आदेश दिया था। प्रीगोजिन ने यह भी दावा किया कि उनकी सेना ने एक रूसी सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराया, जिसने नागरिकों के एक काफिले पर गोलीबारी की थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रीगोजिन ने कहा कि उनकी निजी सेना में 25,000 लड़ाके शामिल हैं और सेना से प्रतिरोध न करने का आग्रह किया। रूस की संसद के निचले सदन के स्पीकर व्याचेस्लाव वोलोदिन ने कहा कि सांसद 'सुरक्षा बलों की एकजुटता के लिए खड़े हैं' और पुतिन का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि 'वैग्नर लड़ाकों को सही विकल्प चुनना होगा। अपने लोगों का साथ देते हुए कानून के पक्ष में रहना होगा, मातृभूमि की सुरक्षा और भविष्य की रक्षा के लिए, कमांडर-इन-चीफ के आदेशों का पालन करना होगा। इस बीच, चेचन्या क्षेत्र के नेता रमजान कादिरोव ने पुतिन के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है।