इंफाल : मणिपुर में 3 मई से शुरू हुई हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। हिंसा में सौ से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि 50 हजार से ज्यादा लोगों ने अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शरण ली है। लूटे गए छह हजार हथियारों में से अभी 1500 भी वापस नहीं हुए हैं। रोड ब्लॉक कर सुरक्षा बलों का रास्ता रोका जा रहा है। अब तो असम राइफल सहित दूसरे सुरक्षा बलों पर हमले भी होने लगे हैं। मणिपुर की हिंसा के बीच नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम(एनएससीएन) ने उत्तर पूर्व में संघर्ष के नए फ्रट खुलने की संभावना जताई है। किन्हीं कारणों से शांत दिखाई पड़ रहे हेड हंटर नागाओं की चेतावनी बहुत डरावनी है। उसमें कहा गया है कि मणिपुर में जानबूझकर हिंसा कराई जा रही है।

इसे तुरंत रोकना होगा, अन्यथा पूरा उत्तर पूर्व इस आग से झुलस सकता है। भारत सरकार यह ध्यान रखे कि मणिपुर हिंसा के बीच दो पड़ोसी मुल्क म्यामां और चीन सक्रिय हो रहे हैं। केंद्र सरकार में पूर्वोत्तर के  मामलों से जुड़े विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि मणिपुर हिंसा के बाद अब वे समूह भी दोबारा से सक्रिय हो सकते हैं, जो भारत सरकार के साथ किन्हीं समझौतों में शामिल रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी चिंता हेड हंटर यानी नगाओं को लेकर है। उत्तर पूर्व में नगा समुदाय के लिए हेड हंटर शब्द इस्तेमाल किया जाता रहा है। दशकों पहले जब नगा किसी लड़ाई या युद्ध का हिस्सा बनते तो इनके बारे में कहा जाता था कि ये लोग दुश्मन का सिर काटकर लाने के लिए जाने जाते हैं। ये दुश्मन पर धावा बोलकर उसका सिर काट देते थे। इनसे सब लोग डरते थे। आज मणिपुर में कुकी और मैतेई के बीच चले संघर्ष में अब नागाओं ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। एनएससीएन द्वारा जारी अपने पत्र में ये चेतावनी दी गई है कि उत्तर पूर्व में चिंगारी दबी है, खत्म नहीं हुई है।

मणिपुर में जल्द से जल्द हिंसा खत्म नहीं हुई तो यह आग असम, नगालैंड, मिजोरम सहित कई दूसरे हिस्सों तक पहुंचने में देर नहीं लगाएगी। म्यामां और चीन सक्रिय हैं। इन देशों की तरफ से मणिपुर में नए फ्रंट खोलने को हवा दी जा रही है। अगर नगालिम या कोई दूसरा फ्रंट खुलता है तो केंद्र सरकार के लिए उत्तर पूर्व को संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा।  राज्य के बिगड़ते हालात को लेकर सेना के पूर्व अफसरों ने भी आवाज उठाई है। ले.जन. एल निशिकांत सिंह (रिटायर्ड) ने कहा कि मैं मणिपुर से जुड़ा एक सामान्य भारतीय की तरह रिटायर्ड लाइफ जी रहा हूं। ये स्टेट अब राज्य विहिन हो चुका है। मणिपुर में लाइफ और प्रॉपर्टी को किसी भी समय, किसी के द्वारा नष्ट किया जा सकता है। पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीपी मलिक ने भी निशिकांत सिंह की बात पर अपनी सहमति जताई है। जन. वेद प्रकाश मलिक ने मणिपुर के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा, मणिपुर में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर उच्चतम स्तर पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। इस मुद्दे पर विपक्ष भी केंद्र सरकार को घेर रहा है।

राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा कि मणिपुर 50 दिनों से जल रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री चुप रहे। सर्वदलीय बैठक तब बुलाई गई, जब प्रधानमंत्री स्वयं देश में नहीं हैं। स्पष्ट रूप से, यह बैठक प्रधानमंत्री के लिए महत्वपूर्ण नहीं है। कांग्रेस महासचिव केसी. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस, जनता दल (यूनाइटेड), तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सहित 10 विपक्षी दलों के सदस्यों ने 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय को एक ज्ञापन सौंपकर पीएम मोदी से मिलने के लिए समय मांगा था। प्रधानमंत्री विपक्षी दलों के सदस्यों से बिना मिले ही अमरीका चले गए। कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जब मणिपुर को लेकर जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि यह हिंसा देश की अंतरात्मा पर गहरा घाव है। तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज 24 जून को सर्वदलीय बैठक की हैै। आजादी से पहले ब्रिटिश आर्मी के साथ इनकी खूब लड़ाई होती रही है। ये लोग खुद को भारत का नागरिक नहीं मानते थे।

इनका प्रयास था कि उत्तर पूर्व का कुछ भाग और पड़ोसी मुल्क का एक बड़ा हिस्सा उन्हें मिल जाए। इनका अपना संविधान हो। हालांकि ब्रिटेन ने 1857 के बाद नगाओं को भारत से अलग नहीं माना। उन्हें भारत का हिस्सा बनाया। बाद में भी लड़ाई होती रही, लेकिन ये भारत में ही रहे। आजादी की लड़ाई के दौरान नगा क्लब को नेशनल काउंसिल का रूप दिया गया। साइमन कमीशन जब भारत आया तो उसे नागा क्लब की ओर से प्रतिवेदन दिया गया। नगा क्लब ने उस प्रतिवेदन में अपने समुदाय को भारत से अलग करने की मांग की। नेशनल काउंसिल ने कहा, हमें अपने फैसले लेने दो। उत्तर पूर्व के मामलों के जानकार एक सेवानिवृत्त अधिकारी बताते हैं, नगा तो आज भी ऐसे ही मौके की तलाश में हैं। ये अवधारणा, केंद्र सरकार और उत्तर पूर्व की सुरक्षा के लिए कमजोर कड़ी बन सकती है।