डिजीटल डेस्क: करीब तीन महीने से पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर जातीय हिंसा की चपेट में है तथा हिंसा और खराब कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अब इस्तीफा नहीं देने का फैसला किया है। बीरेन सिंह ने ट्वीट करके कहा है कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि इस महत्वपूर्ण मोड़ पर मैं सीएम पद से इस्तीफा नहीं दूंगा।
मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने यह ट्वीट ऐसे वक्त किया है जब उनके इस्तीफे की फटी हुई कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और दावा किया जा रहा है कि सीएम बीरेन सिंह राज्यपाल अनुसुइया उइके को अपना इस्तीफा सौंपना चाहते थे। वह राज्यपाल आवास के लिए निकल भी गए थे, लेकिन जनता के दबाव में बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया।
इंफाल में बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के समर्थक उनके आवास के सामने इकट्ठा हो गए और सभी ने बीरेन सिंह से इस्तीफा नहीं देने की अपील की तथा इसके बाद मुख्यमंत्री वापस आवास लौट गए।
रविवार को मुख्यमंत्री बीरेन सिंह राजधानी दिल्ली में हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी तथा गृह मंत्री के साथ बैठक के बाद बीरेन सिंह ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार हिंसा को नियंत्रित करेंगी और राज्य में फिर से शांति बहाल होगी। मुख्यमंत्री बीरेन से मुलाकात के दो दिन बाद मंगलवार को अमित शाह ने राज्यपाल अनुसुइया उइके से भी मुलाकात की थी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने राज्य में अलग-अलग जातीय समूहों के बीच शांति स्थापित करने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए 10 जून को राज्यपाल की अध्यक्षता में एक शांति समिति का गठन किया था और साथ ही सरकार ने परस्पर विरोधी दलों और समूहों के बीच बातचीत शुरू करने के लिए भी कदम उठाए।