शिवसागर : निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण के खिलाफ ऊपरी असम निर्वाचन क्षेत्र सुरक्षा समिति के तत्वावधान में आज शिवसागर के दौलमुख चाराली पर एक विशाल विरोध-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। धरना कार्यक्रम में असम के अधिकांश विपक्षी दलों और संगठनों के नेतृत्व ने भाग लिया,जिसमें शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई, नाजिरा के विधायक व नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया, सांसद गौरव गोगोई, विधायक रकिबुल हुसैन, असम जातीय परिषद के लुरिनज्योति गोगोई, तृणमूल कांग्रेस के दिलीप शर्मा, माकपा के मनोरंजन तालुकदार, भाकपा माले के बोलिंद्र सैकिया, आप के सत्यप्रतिम गायन, भाकपा के कनक गोगोई, जदयू के पुलिन चेतिया, राजद की कंचन चेतिया, जातीय दल के दिगंत चेतिया और राकांपा के अजीत हजारिका मौजूद थे। इस विरोध के माध्यम से आमगुड़ी और लाहोवाल निर्वाचन क्षेत्रों को समाप्त करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया गया था।
प्रदर्शनकारी ने कहा कि वोट की खातिर ऐतिहासिक शिवसागर निर्वाचन क्षेत्र को भाजपा द्वारा विभाजित किए जाने को स्वीकार नहीं किया जाएगा। समिति ने भारत के चुनाव आयोग को एक ज्ञापन भी भेजा, जिसमें उल्लेख किया गया कि उचित एनआरसी प्रकाशित होने तक निर्वाचन क्षेत्र को पुनर्निर्धारित न किया जाए। शिवसागर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक अखिल गोगोई ने लोगों से सरकार के इस तरह हटकारी फैसले के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। कांग्रेस पार्टी के सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा असम में मुगलों की भांति शासन कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी के विधायक रकीबुल हुसैन ने हिमंत विश्व शर्मा और अजमल के बीच गुप्त गठबंधन पर मंतव्य दिया। असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई ने कहा कि इस तरह से निर्वाचन क्षेत्र का गठन तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक कि उचित एनआरसी प्रकाशित नहीं हो जाती। इसके बाद शिवसागर आवर्त भवन में विपक्षी ऐक्य मंच ने एक पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया। असम में कुल बारह विपक्षी दलों ने जून में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्वाचन क्षेत्र के मसौदा पुनः निर्धारण पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
इस संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए, विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने विपक्षी ऐक्य मंच के रूख को स्पष्ट किया और कहा कि इस निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण को विपक्षी ऐक्य मंच द्वारा किसी भी कारण से स्वीकार नहीं किया जाएगा। मंच के सचिव लुरिनज्योति गोगोई ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया राजनीतिक रूप से प्रभावित है। इस निर्वाचन क्षेत्र को भाजपा पार्टी के राजनीतिक लाभ के लिए निर्धारित किया गया है, जिसके कारण आज शिवसागर शहर में आयोजित विरोध सभा को स्थानीय लोगों ने पूर्ण समर्थन दिया है। शिवसागर के पंद्रह दलों और संगठनों ने विपक्षी ऐक्य मंच को एक ज्ञापन सौंपकर इस संबंध में अपनी आपत्तियों और विरोधाभासों को स्पष्ट किया। दिल्ली में आने वाले दिनों में ऐक्य मंच राष्ट्रीय विपक्ष के नेताओं से मुलाकात करेगा और इन सभी मुद्दों को उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस हटकारी फैसले के खिलाफ अदालत में मामला दायर करेंगे।