गुवाहाटी: असम से बांग्लादेश के लिए मेथनॉल की पहली खेप शनिवार को रवाना कर दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने यह जानकारी दी। यह खेप नामरूप स्थित असम पेट्रोकेमिकल संयंत्र (एपीएल) से भेजी गई। शर्मा ने ट्वीट किया कि हम असम को पेट्रोकेमिकल के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक कदम और बढ़ गए हैं। आज हमने असम पेट्रोकेमिकल संयंत्र से बांग्लादेश के लिए पहली मेथनॉल खेप को हरी झंडी दिखाई, जिसका उद्घाटन अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री ने किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर और असम पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड व अन्य नई परियोजनाओं में निवेश करके पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में पर्याप्त निवेश कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल को 500 टन प्रतिदिन क्षमता वाले एपीएल के संयंत्र का उद्घाटन किया था। पीएल में उत्पादित मेथनॉल को बांग्लादेश, नेपाल और भूटान जैसे पड़ोसी देशों में ले जाने की प्रक्रिया का उद्घाटन करते हुए उन्हें खुशी महसूस हुई। इससे सरकार को असम को पेट्रोकेमिकल हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विकास से अपनी उपज को विदेशों में निर्यात करने के साथ-साथ एपीएल की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी। डॉ. शर्मा ने कहा कि बीवीएफसीएल को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली ने कंपनी को 100 करोड़ रुपए की मदद की और राज्य सरकार ने अस्पताल के निर्माण में मदद की। उन्होंने कहा कि पिछले साल बीवीएफसीएल को हुए 98 करोड़ रुपए के नुकसान के विपरीत कंपनी ने इस साल 12 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया है, जो नामरूप को एक औद्योगिक शहर के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक विकास का संकेत देता है।
नाहरकटिया के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर चाराली से दिल्लीघाट तक सड़क निर्माण के लिए कदम उठाए गए हैं। सड़क की चौड़ाई मौजूदा 5.50 मीटर से बढ़ाकर 7 मीटर कर दी गई है। इसके अलावा नामरूप में सड़कों के किनारे कंक्रीट की नालियां बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर असम की इमारत को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों के 3.70 लाख सदस्यों में से प्रत्येक को 10 हजार रुपए देगी। यदि सदस्य सफलतापूर्वक राशि का उपयोग करके उद्यमशीलता की ओर कदम बढ़ा सकते हैं, तो वे 25,000 रुपए की राशि का बैंक ऋण लेने के हकदार बन जाएंगे, जिसका ब्याज सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, उद्योग और वाणिज्य मंत्री विमल बोरा, विधायक प्रशांत फुकन, तरंग गोगोई, तेरस ग्वाला, एपीएल के अध्यक्ष राजनीश गोगोई और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।