डिब्रूगढ़ : डिब्रूगढ़ जेल में बंद वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल और उसके साथियों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। डिब्रूगढ़ जेल प्रशासन ने इनकी मांगों को मान लिया है। जेल प्रशासन ने तंबाकू का सेवन करने वाला कुक बदल दिया है। साथ ही सभी को आश्वासन दिया है कि सभी बंदियों को घर बात करने के लिए फोन सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। जेल प्रशासन का कहना है कि वैसे तो जेल में बंद सभी कैदियों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है, लेकिन जैसी मेडिकल सुविधा पंजाब से एनएसए के तहत बंदी अमृतपाल समेत उसके साथी चाहते हैं वह उन्हें दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद सभी ने अपनी भूख हड़ताल 24 घंटे बाद समाप्त कर दी है। अमृतपाल ने कहा कि उसके परिजन हर 15 दिन के बाद उससे मिलने के लिए असम की डिब्रूगढ़ जेल नहीं आ सकते, क्योंकि वह आर्थिक तौर पर इतने ज्यादा अमीर नहीं हैं। पंजाब से डिब्रूगढ़ आने के लिए एक चक्कर का खर्च ही करीब 20 से 25 हजार रुपए आता है। इतने पैसे खर्च करने में उसके व साथियों के परिजन सक्षम नहीं हैं। इसलिए बंदियों के अधिकार के तहत सभी को घर पर बात करने के लिए फोन सुविधा दी जाए। साथ ही अमृतपाल ने जेल कुक को लेकर भी सवाल उठाए थे।
अमृतपाल की डिब्रूगढ़ जेल में भूख हड़ताल खत्म