गुवाहाटी : राज्य सरकार इस साल भी हायर सेकेंडरी की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्राओं को स्कूटर देगी। हायर सेकेंडरी फाइनल परीक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्राओं को स्कूटी मिलेगी, वहीं इस साल 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को भी स्कूटी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को दिसपुर के जनता भवन में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में उपरोक्त आशय का फैसला लिया गया। कैबिनेट बैठक के फैसले के बारे में राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जयंतमल्ल बरुवा ने एक प्रेस कांफ्रेंस  में कहा कि अगली बार स्कूटर पाने के लिए लड़का या लड़की दोनों को हायर सेकेंडरी में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने होंगे।

राज्य सरकार राज्य में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले 3,78,000 छात्रों को साइकिल प्रदान करेगी। इसके लिए 168 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। अरुणोदय योजना के तहत 7 लाख अतिरिक्त लाभार्थियों में से प्रत्येक को 10 सितंबर से 1,250 रुपए प्रदान किए जाएंगे। 4 लाख रुपए से कम आय वाले लोगों को एनएफएसए के तहत मुफ्त चावल   मिलेगा। इस योजना से 40 लाख नए लोग जुड़ेंगे। उन्हें चावल के साथ-साथ मुफ्त इलाज की सुविधा भी मिलेगी। कैबिनेट ने फैसला लिया कि विद्यालय प्रबंधन समिति में एक निर्वाचित जन प्रतिनिधि, एक शिक्षक और दो पूर्व छात्र शामिल होंगे। चाय बागान क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार के लिए 1,100 शिक्षकों को चाय बागान क्षेत्रों के स्कूलों में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।

दूसरी ओर उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री बिमल बोरा ने कहा कि पहले किसी उद्योग को खोलने के लिए बहुत सारी अनुमति लेनी पड़ती थी, लेकिन अब से उद्योगों की स्थापना के लिए बिजली और अग्निशमन को छोड़कर कोई अन्य पूर्व अनुमति प्राप्त करने की आवश्यक नहीं होगी। एमएसएमई के मामले में शेष दस्तावेज उद्यम की स्थापना के तीन साल के भीतर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमियों के पास कारखाने खोलने के बाद कागजात प्रस्तुत करने के लिए तीन साल का समय होगा।

मंत्रिपरिषद ने असम कृषि विश्वविद्यालय के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अधिक अन्य पिछड़ा वर्ग (एमओबीसी) के लिए सीटों का आरक्षण 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। जनरल नर्सिंग और मिडवाइफरी (जीएनएम) तथा सहायक नर्सिंग मिडवाइफरी (एएनएम) और  बी.एससी नर्सिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में 27 प्रतिशत ओबीसी/एमओबीसी आरक्षण के भीतर छह समुदायों - ताई अहोम, चुटिया, मोरान, मटक, कोच राजवंशी और चाय जनजातियों को आवंटन के लिए सीटें आरक्षित करने का भी निर्णय लिया गया।