गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने बुधवार को गुवाहाटी स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में स्वास्थ्य परिणामों के आधार पर पुरस्कारों का वितरण किया गया। पुरस्कारों का वितरण विभिन्न स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले जिलों और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को किया गया। गौरतलब है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य में विभिन्न स्तरों पर 1,245 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का मूल्यांकन करने के लिए इस वर्ष 6 से 8 अप्रैल तक स्वास्थ्य सेवा महोत्सव आयोजित किया था।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 21 जिला अस्पतालों, 16 उप-विभागीय नागरिक अस्पतालों, 208 सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों और 1,000 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं, चिकित्सा उपकरण, नैदानिक प्रणाली, मानव संसाधन, सेवा वितरण, गुणवत्ता स्वास्थ्य सेवाओं, बाहरी मूल्यांकन, निगरानी और प्रमाणन आदि के लिए यह स्वास्थ्य सेवा महोत्सव आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा महोत्सव असम सरकार का राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम देने का सपना है। महोत्सव में जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में सुविधाओं की गुणवत्ता और दक्षता का आकलन करने के लिए भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के समान बेंचमार्क के आधार पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का स्वास्थ्य सेवा महोत्सव भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर लंबे समय से राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों, लक्ष्यों, भौतिक योजनाओं आदि पर काम कर रहे हैं और भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के साथ अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से यह जानना संभव हो गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, लक्ष्य, कायाकल्प आदि के प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुए हैं जो हमारे चिकित्सा क्षेत्र की सफलता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि इस क्षेत्र के विकास को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां निजी क्षेत्र के अस्पतालों की संख्या बढ़ रही है, वहीं सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या हर साल बढ़ रही है।