डिजीटल डेस्क:  मार्क जकरबर्ग ने ट्विटर को टक्कर देने के लिए नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Threads लॉन्च किया है और इस ऐप को लेकर काफी हउआ बना हुआ है।  जकरबर्ग ने पोस्ट कर बताया कि 7 घंटे के अन्दर इस प्लेटफॉर्म को 10 मिलियन (1 करोड़) यूजर्स ने ज्वाइन किया है। अगर आप भी इस आंकड़े में शामिल हैं या होने वाले हैं तो जरा ध्यान दीजिए क्योंकि नया सोशल ऐप कुछ अलग नहीं करने वाला है।

अगर आप ट्विटर की ब्लू सब्सक्रिप्शन वाली चरस से भागकर थ्रेड्स पर जा रहे हैं तो रुक जाइए, कुछ भी बदलने वाला नहीं है क्योंकि फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म अभी कम थे कि एक और ऐप आ गया है और आगे जाकर थ्रेड के लिए भी पैसा लगेगा।

Threads में पेड सब्सक्रिप्शन सर्विस का आना तय:

मेटा ने यूजर्स को राहत देने के लिए इंस्टाग्राम यूजरनेम (क्रेडेंशियल) के साथ साइन इन करने की सुविधा दी है। आसानी के चक्कर में ज्यादातर लोग इसी तरीके से साइन इन कर रहे हैं और  साथ ही बायो और दूसरी डिटेल्स भी आप इंस्टा से इम्पोर्ट कर सकते हैं। यानी इंस्टाग्राम पर यूजर्स की प्रोफाइल में जो डेटा था, वो अब थ्रेड्स में भी दिखेगा तथा इसी के साथ ब्लू टिक वाली प्रोफाइल में थ्रेड्स पर भी नीला निशान दिखाई दे रहा है।

इसका मतलब है कि ब्लू टिक वाली आफत थ्रेड्स पर भी यूजर्स का पीछा नहीं छोड़ेगी और वहीं ब्लू टिक के मायने अब बदल चुके हैं। अब ब्लू टिक किसी को वेरीफाई करने के लिए नहीं बल्कि पेड सब्सक्रिप्शन के लिए है। जो यूजर ब्लू चेक मार्क चाहता है, उसे सब्सक्रिप्शन की मोटी रकम चुकानी पड़ेगी तथा बदले में यूजर को एक्स्ट्रा फीचर मिलेगा।

बात सीधी है, कान आप सीधे हाथ से पकड़ें या घुमाकर, फंसना यूजर को है। ‘अकाउंट यूजर का, पैसा यूजर का, डेटा यूजर का तो फंसेगा भी यूजर ही’ और जब पैसे लगेंगे ही तो ट्विटर में क्या बुराई है। जिस काम को करने में ट्विटर को 17 साल लगे हैं शायद थ्रेड्स साल-दो-साल में ही कर जाएगा और पेड सब्सक्रिप्शन का जाल ही कुछ ऐसा है। थ्रेड्स अभी बेसिक फीचर्स के साथ आया है, जिस दिन ये ट्विटर जैसा हुआ आपके ब्लू टिक का चार्ज लेने लग जाएगा।

Threads के पास यूजर का कितना डेटा:

यूजर्स की बेसिक समस्या है, ट्रेंड में चल रही चीज फटाक से ट्राई करते हैं और  न कोई पॉलिसी पढ़नी है न ही डिस्क्रिप्शन। थ्रेड्स के साथ भी कुछ ऐसा है और  ऐप को तेजी से डाउनलोड किया जा रहा है लेकिन क्या आपको मालूम है ये ऐप आपका कौन-कौन सा डेटा ले रहा है?

Threads Blue Data:

ऐप की प्राइवेसी डिटेल्स में साफ-साफ बताया गया है की ये ऐप आपके फोन से हेल्थ-फिटनेस डेटा, परचेस डिटेल, फाइनेंशियल इन्फॉर्मेशन, लोकेशन, कॉन्टेक्ट्स, सर्च हिस्ट्री, ब्राउजिंग हिस्ट्री, आइडेंटिटी, इस्तेमाल किया गया डेटा, सेंसटिव इन्फॉर्मेशन, वॉइस रिकॉर्डिंग, इंस्टाल किए गए ऐप्स समेत कई जानकारियां लेता है।

नया नहीं है Threads:

अगर आपको लग रहा है कि थ्रेड्स बिलकुल नया ऐप है, तो ऐसा नहीं है और  इंस्टाग्राम ने 2019 में थ्रेड नाम से एक फीचर पेश किया था। तब इसे स्नैपचैट के कंपटीशन में लाया गया था और ये कैमरा-सेंट्रिक मैसेंजिंग फीचर था। हालांकि ये आइडिया कुछ खास काम नहीं कर पाया और साल 2021 में इस फीचर को बंद कर दिया गया है तथा अब दोबारा से मेटा ने Threads का नाम भुनाया है।

कुल मिलाकर बात इतनी सी है कि मार्क जकरबर्ग का काम ही है दूसरे ऐप्स को कॉपी करना और  इस चक्कर में मेटा के 4 सोशल और मैसेंजिंग ऐप फोन में जगह घेर चुके हैं। वाट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, फेसबुक मैसेंजर तो आपके फोन में पहले से थे ही, अब थ्रेड्स भी आ गया है तथा  मर्जी आपकी है, आप सोशल मीडिया के चक्कर में कितना टाइम, डेटा और पैसा देना चाहते हैं।