गुवाहाटी : असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगु ने रविवार को कहा कि सरकार राज्य को ‘कागजी (घोस्ट) छात्रों ’ के बाद ‘कागजी (घोस्ट) स्कूलों और शिक्षकों ’ से मुक्त करने की योजना पर काम कर रही है। रनोज पेगु ने कहा कि जो स्कूल अपने कर्मचारियों के बारे में पूरी जानकारी देने में विफल रहे हैं, उनका विशेष अनुदान रोक दिया गया है और ऐसे कर्मचारियों का वेतन अगले दो महीनों में रोक दिया जाएगा। रनोज पेगु ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हमने पहले ही कागजी छात्रों का पता लगा लिया था। अब, कागजी स्कूलों और शिक्षकों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। घोस्ट छात्र, स्कूल और शिक्षक वे होते हैं, जो केवल कागजों में मौजूद होते हैं। यह फर्जी कार्य विभिन्न योजनाओं तहत सरकारी धन प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
पिछले वर्ष के नामांकन आंकड़ों का मिलान करने पर जून में राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में लगभग 4.50 लाख कागजी छात्रों के होने की जानकारी मिली थी। पेगु ने कहा कि राज्य के 11,000 से अधिक सरकारी प्राथमिक स्कूल हैं, जो शिक्षा विभाग द्वारा मांगे जाने के बावजूद अपने कर्मचारियों का पूर्ण आकंड़ा देने में विफल रहे हैं। इन कर्मचारियों में शिक्षण और गैर-शिक्षण दोनों श्रेणी के कर्मी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी एक विशिष्ट पोर्टल शिक्षा सेतु पर अपलोड की जानी थी। अपने रिकॉर्ड की जांच करने के बाद, हमने पाया कि 11,483 स्कूलों ने सभी कर्मचारियों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। जब तक वे सभी विवरण अपलोड नहीं कर देते, हम 2023-24 के लिए उनके वार्षिक स्कूल अनुदान और खेल तथा शारीरिक शिक्षा अनुदान पर रोक लगा देंगे।
शिक्षा मंत्री ने सभी जानकारी उपलब्ध कराने वाले स्कूलों के लिए अनुदान स्वीकृत करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभी हम अनुदान रोक रहे हैं। अगर उन्होंने ब्योरा नहीं दिया तो अगस्त या सितंबर से वेतन भी रोकना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों के 2.08 लाख शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने अपना विवरण अपलोड कर दिया है, लगभग 35,500 को ऐसा करना बाकी है। उन्होंने कहा कि जब बहुमत ने अपलोड कर दिया है, तो स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा होता है कि अन्य लोग ऐसा क्यों नहीं कर सके। कुछ के पास वास्तविक कारण हो सकते हैं और इसलिए, हम उनसे तुरंत विवरण देने का आग्रह करते हैं। मंत्री ने कहा कि जो स्कूल डेटा अपलोड करने का काम पूरा कर लेंगे, उन्हें तुरंत अनुदान मिलेगा, हालांकि उन्होंने ऐसा करने के लिए कोई समय सीमा नहीं बताई।