गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है कि वह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के समर्थन में है और राज्य में तत्काल बहुविवाह पर रोक लगाना चाहती है। शर्मा ने यहां एक कार्यक्रम से इतर कहा कि यूसीसी ऐसा विषय है जिस पर निर्णय संसद करेगी, लेकिन राष्ट्रपति की मंजूरी से राज्य भी इस पर फैसला कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी में अनेक मुद्दे हैं और विधि आयोग तथा संसदीय समिति इसे देख रही है। असम सरकार पहले ही बता चुकी है कि वह इसके समर्थन में है। उन्होंने कहा कि जब तक यूसीसी पर निर्णय लंबित है, हम इसके एक पहलू -बहुविवाह को लेना चाहते हैं और इस पर तत्काल प्रतिबंध लागू करना चाहते हैं।

शर्मा ने कहा कि हम इस पर रोक के लिए सितंबर में अगले विधानसभा सत्र में एक विधेयक लाने की योजना बना रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शर्मा ने कहा कि यदि राज्य सरकार किसी कारण से विधेयक नहीं ला पाई तो जनवरी में आहूत विधानसभा सत्र में इसे लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बीच यदि यूसीसी को लागू कर दिया जाता है तो हमें यह कवायद नहीं करनी पड़ेगी। यूसीसी पर कांग्रेस के विरोध पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्या यह है कि कांग्रेस नेता मुस्लिम महिलाओं की पीड़ा नहीं समझते। वे वोट ले लेते हैं लेकिन वापस कुछ नहीं देना चाहते। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस मुस्लिम पुरुषों और महिलाओं दोनों के वोट चाहती है लेकिन वह केवल पुरुषों का भला चाहती है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस ने तीन तलाक समाप्त करने का विरोध किया था और अब यूसीसी का विरोध कर रही है, अतः एक तरह से पार्टी मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ जंग छेड़ रही है।