गुवाहाटी : अब से जिला उपायुक्तों को जिला आयुक्त के रूप में जाना जाएगा। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। अधिसूचना में कहा गया कि यह निर्णय प्रशासनिक सुविधा के लिए लिया गया। मई में तिनसुकिया में आयोजित उपायुक्त सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने इस निर्णय की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा था कि पूरे प्रशासन को नया स्वरूप देने का प्रयास किया गया है। इसके अनुसार  मांडलिक आयुक्तों के कार्यालय समाप्त कर दिए जायेंगे। जिला उपायुक्त को जिला आयुक्त कहा जाएगा।

महकुमों को उन्नत किया जाएगा और प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में एक उप-जिला बनाया जाएगा। उपायुक्त अब निर्वाचन क्षेत्र में रहेंगे आयुक्त जिले में रहेंगे। वर्तमान के अतिरिक्त उपायुक्त को उपायुक्त कहा जाएगा। जिला आयुक्त को सभी कर्मचारियों को जिले के भीतर स्थानांतरित करने और एसीआर लिखने का अधिकार दिया जाएगा। जिला आयुक्त सभी विभागों का काम देखेंगे उपायुक्त जिला आयुक्त के अधीनस्थ होंगे।

उपायुक्त कार्यालय में दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सरकार लोगों के दरवाजे तक जायेगी। विधायक निधि, सांसद निधि, अनटाइड फंड, असम दर्शन, भूमि खरीद-बिक्री, भूमि आवंटन, पट्टा कार्य, आग्नेयास्त्र लाइसेंस, बैठकें आयोजित करने की अनुमति आदि अब से उपायुक्त स्तर पर होंगे।