नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो भी गठबंधन ‘नकारात्मकता’ के साथ बने वह कभी सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का गठन देश में राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए हुआ था। राजग के नेताओं की यहां एक बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब गठबंधन सत्ता की मजबूरी का हो, जब गठबंधन भ्रष्टाचार की नीयत से हो, जब गठबंधन परिवारवाद की नीति पर आधारित हो, जब गठबंधन जातिवाद और क्षेत्रवाद को ध्यान में रखकर किया गया हो तो ऐसा गठबंधन देश का बहुत नुकसान करता है। मोदी ने कहा कि देश में राजनीतिक गठबंधनों की एक लंबी परंपरा रही है, लेकिन जो भी गठबंधन नकारात्मकता के साथ बने वह कभी भी सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 90 के दशक में देश में अस्थिरता लाने के लिए गठबंधनों का इस्तेमाल किया तथा कांग्रेस ने सरकारें बनाईं और सरकारें बिगाड़ीं। उन्होंने कहा कि 1988 में राजग का गठन हुआ था, लेकिन सिर्फ सरकारें बनाना और सत्ता हासिल करना उसका लक्ष्य नहीं था। उन्होंने कहा कि राजग किसी के विरोध में नहीं बना था, राजग किसी को सत्ता से हटाने के लिए नहीं बना था।
राजग का गठन देश में स्थिरता लाने के लिए हुआ था। जब किसी देश में एक स्थिर सरकार होती है, तो देश एक साहसिक निर्णय लेता है जो देश के फलसफा को बदल देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में राजग के गठन के 25 साल पूरे हुए हैं और ये 25 वर्ष विकास और क्षेत्रीय आकांक्षाओं की पूर्ति के रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजग का मतलब राज्यों के विकास के माध्यम से देश का विकास है। उन्होंने कहा कि नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (राजग) में एन का अर्थ ‘न्यू इंडिया’, डी का अर्थ ‘डेवलप्ड नेशन’ और ए का अर्थ है ‘लोगों की आकांक्षा’। आज युवा, महिलाएं, मध्यम वर्ग, दलित और वंचित लोग राजग पर भरोसा करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल, बालासाहब ठाकरे, अजित सिंह, शरद यादव जैसे नेताओं ने राजग को आकार देने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि राजग अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत है, लालकृष्ण आडवाणी ने भी इसको आकार देने में अहम भूमिका निभाई और वह हमारा अनवरत मार्गदर्शन कर रहे हैं।
मालूम हो कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की एक बैठक मंगलवार को यहां स्थित एक पंचसितारा होटल में हुई, जिसमें सत्ताधारी गठबंधन ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकजुटता के जारी प्रयासों के बीच राजग की यह बैठक हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बैठक में शामिल हुए। उन्होंने बैठक में उपस्थित नेताओं से एक-एक कर मुलाकात की। राजग में शामिल हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री के पैर छुए, जिसके बाद मोदी ने उन्हें गले लगाकर उनका अभिनंदन किया। भाजपा ने दावा किया कि इस बैठक में 38 दलों के नेता शामिल हुए। भाजपा की तरफ से बैठक में मोदी और जेपी नड्डा के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी सहित अन्य नेता शामिल हुए।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में भाजपा के अलावा, शिवसेना (शिंदे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार), राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (पशुपति कुमार पारस), अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक), अपना दल (सोनेलाल), नेशनल पीपुल्स पार्टी, नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा, मिजो नेशनल फ्रंट, इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा, नगा पीपुल्स फ्रंट और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के नेता शामिल हुए। इनके अलावा, असम गण परिषद, पट्टली मक्कल काची (अंबुमणि रामदास), तमिल मनीला कांग्रेस, असम की यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त), राष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी, हरियाणा की जननायक जनता पार्टी, प्रहार जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रीय समाज पक्ष, महाराष्ट्र की जन सुराज्य शक्ति पार्टी, मणिपुर की कुकी पीपुल्स अलायंस, मेघालय की यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी और हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, निषाद पार्टी, पुडुचेरी की ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्यूलर), जन सेना पार्टी, हरियाणा लोकहित पार्टी, भारत धर्म जन सेना, केरल कामराज कांग्रेस, पुठिया तमिलागम पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट के नेता भी बेठक में शामिल हुए।