नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव 2024 में 26 विपक्षी दल इंडिया नाम के गठबंधन के साथ उतरेंगे। ये गठबंधन यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की जगह लेगा। लेकिन अब लड़ाई इंडिया और भारत के बीच आ गई है। विपक्ष की बैठक के बाद से इस नाम की चर्चा शुरू हो गई है। जहां विपक्षी दल इसे टीम इंडिया बता रहे हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता ने नाम पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। विपक्षी गठबंधन के नाम पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने मंगलवार को दावा किया कि अंग्रेजों ने औपनिवेशिक विरासत से देश का नाम इंडिया रखा था। शर्मा की टिप्पणी 26 विपक्षी दलों द्वारा एकजुट होकर सत्तारूढ़ एनडीए से मुकाबला करने के लिए गठबंधन बनाने के बाद आई है।
शर्मा ने ट्विटर पर कहा, हमारा सभ्यतागत संघर्ष भारत और भारत के आसपास केंद्रित है। अंग्रेजों ने हमारे देश का नाम इंडिया रखा। हमें औपनिवेशिक विरासतों से खुद को मुक्त करने का प्रयास करना चाहिए। हमारे पूर्वज भारत के लिए लड़े और हम भारत के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने आगे लिखा... इंडिया के लिए कांग्रेस और भारत के लिए मोदी। वहीं नाम पर हंगामे के बीच कांग्रेस की तरफ से सफाई भी आने लगी है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने लिखा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 1... इंडिया, यानी भारत, राज्यों का एक संघ होगा। यहां जयराम ने भारत और इंडिया को एक बताया। चर्चा सिर्फ इंडिया और भारत को लेकर नहीं है।
बीजेपी नेताओं का ये भी कहना है कि नाम में डी का मतलब असल में क्या है, ये विपक्षी दलों को खुद क्लियर नहीं है। दरअसल, विपक्षी एकता की मीटिंग में शामिल लोगों ने जब ट्विटर पर इसका नाम शेयर किया तो फुलफॉर्म अलग-अलग लिखी। जैसे कांग्रेस ने डी का मतलब डिवेलपमेंटल बताया। वहीं शरद पवार ने डी का मतलब डेमोक्रेसी लिखा। बीजेपी की तरफ से अमित मालवीय ने कहा कि डी का मतलब डेमोक्रेटिक है या फिर डिवेलपमेंटल? जो लोग इस छोटी सी बात पर आम सहमति नहीं बना सकते, वे देश चलाने की उम्मीद कर रहे हैं। मालवीय ने यह भी कहा कि यूपीए को अपनी मौजूदगी खत्म करके नई पहचान चाहिए थी, लेकिन नाम बदलने से चरित्र नहीं बदलता। वहीं भारतीय जनता पार्टी के ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि जिस इंडिया को दुनियाभर में बदनाम करते फिरते हैं, अपने अस्तित्व और परिवारों को बचाने के लिए उसके नाम का ही सहारा लेना पड़ा।