गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने मणिपुर में दो कुकी महिलाओं को नग्न घुमाने की घटना की निंदा की, जिसका वीडियो हाल ही में वायरल हुआ था। हम सबको इसका दुख है। कुछ आरोपी गिरफ्तार भी हुए हैं। सरकार आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की कोशिश करेगी। लेकिन कांग्रेस को अपने गिरेबां में भी झांककर देखना चाहिए। कांग्रेस तब जागती है जब किसी भाजपा शासित राज्यों में इस तरह की घटना घटती है। मणिपुर को लेकर भी वही हो रहा है। कांग्रेस शासित राज्य में खुद वहां के मंत्री ने राज्य की पोल खोली है। उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने इस घटना को भयानक बताया है। असम के मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर अन्य राज्यों में महिलाओं के खिलाफ हाल की यौन हिंसा की रिपोर्ट भी साझा की।

मणिपुर की घटना भयावह है और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने की बात वहां के मुख्यमंत्री कर चुके हैं। मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने ट्वीट किया, दुर्भाग्य से, तथाकथित उदारवादियों के बीच एक स्पष्ट पैटर्न बन गया है। आक्रोश पूर्वोत्तर तक ही सीमित है, जबकि वे अन्य जगहों पर समान रूप से क्रूर अपराधों को नजरअंदाज करेंगे। शर्मा ने पहली रिपोर्ट में साझा किया, 19 जुलाई, 2023 को जोधपुर में छह महीने के शिशु सहित चार लोगों के एक परिवार की हत्या कर दी गई और उसे जिंदा जला दिया गया। दूसरी रिपोर्ट में कहा गया, 16 जुलाई 2023 को जोधपुर में एक दलित नाबालिग के साथ उसके प्रेमी के सामने सामूहिक बलात्कार किया गया।

तीसरे में लिखा है, भाजपा के एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि 13 जुलाई, 2023 को चुनाव हारने के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन पर पेशाब किया। असम के सीएम ने चौथी रिपोर्ट ट्वीट की, एक भाजपा उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि 8 जुलाई, 2023 को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके कपड़े उतार दिए और उन्हें नग्न घुमाया। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि 7 जून, 2023 को बिहार में एक नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ 8 लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया। उन्होंने कहा कि 20 अक्तूबर, 2022 को झारखंड के चाईबासा में सड़क पर दिनदहाड़े 10 लोगों ने एक आदिवासी महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया।