गुवाहाटीः असम और मेघालय की क्षेत्रीय समितियों ने अंतर-राज्यीय सीमा पर तीन विवादित क्षेत्रों के विषय पर चर्चा करने के लिए शनिवार को यहां एक बैठक की। इन समितियों के प्रमुखों- इन दोनों राज्यों के मंत्रियों ने यह जानकारी दी। मंत्रियों ने बताया कि दोनों समितियां अगले महीने इसी स्थान पर बैठक करेगी तथा वे टकराव के क्षेत्रों में से एक का संयुक्त दौरा करेंगी। असम के सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि आज हमने तीन विवादित क्षेत्रों (के विषय) पर चर्चा की। हमने मेघालय सरकार का पक्ष सुना। दोनों राज्यों के मंत्री, विधायक और शीर्ष अधिकारी इस बैठक में मौजूद थे। ]

उन्होंने कहा कि अधिकारियों खासकर जिला आयुक्तों को जमीनी हकीकत का अच्छी तरह पता लगाकर अगली बैठक में नई रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है जो 25 अगस्त को होगी। बोरा ने कहा कि 26 अगस्त को समितियां संयुक्त निरीक्षण के लिए (असम के कामरूप मेट्रोपोलिटन जिले के) पश्चिम डिमोरिया का दौरा करेंगी। मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने कहा कि संयुक्त निरीक्षण के बाद अन्य क्षेत्रों के विवाद के समाधान के लिए चरणबद्ध तरीके से उनपर विचार किया जाएगा।

वर्ष 1972 में असम को विभाजित कर पृथक मेघालय राज्य बनाया गया था और तब से ही दोनों ही पड़ोसी राज्य सीमा विवाद में उलझे हुए हैं। उन्होंने असम पुनर्गठन अधिनियम, 1971 को चुनौती दी थी, फलस्वरूप 884.9 किलोमीटर लंबी अंतर्राज्यीय सीमा पर 12 क्षेत्रों में उनके बीच विवाद है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने मई, 2021 में अपना पदभार संभालने के बाद घोषणा की थी कि पड़ोसी राज्यों के बीच पुराना सीमा विवाद सुलझाना उनकी प्राथमिकता है।