गुवाहाटीः पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीपी सिंह ने रविवार को कहा कि ऊपरी असम के अलावा राज्य के अन्य इलाकों कुछ व्यवसायियों को पहले ही प्रतिबंधित संगठन अल्फा के नाम पर (असली या नकली) के नाम पर जबरन वसूली पत्र मिल चुके हैं। पुलिस ने इस तरह के धन उगाही में शामिल कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से गिरफ्तार एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश कर रहा था, उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने रूकने के लिए कहा, लेकिन जब वह नहीं माना तो अंत में पुलिस को गोली चलानी पड़ी जिसमें वह घायल हो गया।

डीजीपी असम ने कहा कि अल्फा के नाम पर इस तरह के धन उगाही करने वाला व्यक्ति चाहे असली या नकली यह कार्य पूरी तरह से अपराध की श्रेणी में आता है, क्योंकि अल्फा एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है।  उसके नाम से अगर भी व्यक्ति आम लोगों को परेशान करने का प्रयास करेगा तो उन लोगों पर  यूएपी अधिनियम की धारा 17, 21, 24, 26, 39 और 40 के तहत मुकदमा चलाया जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम की धारा मनी लॉन्डि्रंग, आतंकवादी गतिविधियों के लिए जुटाए गए धन का उपयोग आदि जैसे अपराधों के आयोजन पर लागू होती हैं। ऐसे आरोपी जो अल्फा के नाम पर पैसा इकट्ठा करते हैं उनकी संपत्ति भी जब्त हो सकती है।

उन्होंने कहा कि संबंधित जिला पुलिस और सुरक्षा बलों को ऐसे आरोपियों के खिलाफ  सख्त से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है। सिंह ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास को बाधित करने वाले इन लोगों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनके खिलाफ  सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मैं जनता से आग्रह करता हूं कि वे जबरन वसूली की ऐसी घटनाओं में शामिल न हो। ऐसी घटनाओं रोकने के लिए पुलिस को मदद करें हम सभी को भरोसा दिलाते हैं कि ऐसे समाज विरोधी लोगों पर सख्ता कार्रवाई की जाएगी।