गुवाहाटी : पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने मुठभेड़ पर अल्फा (स्वतंत्र) की ओर से रविवार को जारी चेतावनी पर सोमवार को अपनी प्रतिक्रिया दी।  उन्होंने सिलचर में संवाददाताओं से कहा कि मेरे लिए ऐसी धमकी या चेतावनी कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने लंबे कैरियर के दौरान उन्हें नियमित विभिन्न आतंकवादी समूहों से ऐसी धमकियां मिलती रही हैं। गौरतलब है कि डिब्रुगढ़ जिला पुलिस की ओर से एक महिला को गिरफ्तार करने के बाद रविवार को अल्फा (स्वतंत्र) ने पुलिस महानिदेशक को चेतावनी जारी की थी। प्रतिबंधित आतंकवादी समूह ने आरोप  लगाया था कि पुलिस ने महिला के साथ अल्फा (स्वतंत्र) के नाम का इस्तेमाल किया।

सोमवार को अल्फा (स्वतंत्र) की चेतावनी के जवाब में पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने कहा कि  मुझे पिछले 15 या 20 वर्षों के कार्यकाल के दौरान विभिन्न उग्रवादी संगठनों से ऐसी धमकियां मिलती रही हैं। ऐसी धमकियां मेरे लिए कोई नई बात नहीं हैं। सरकार हमें कुछ करने के लिए भुगतान कर रही है। हम उसी के अनुसार काम कर रहे हैं। अगर कोई संगठन रंगदारी जैसी घटनाओं को अंजाम देकर विकास प्रक्रिया में बाधा डालना चाहता है तो मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। हम जबरन वसूली को रोकने के लिए हर संभव उपाय करेंगे। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मैंने कल परेश बरुवा की अधिसूचना देखी। नोटिफिकेशन में 6 नाम थे जो 6 स्वदेशी हैं। इन छह में से चार का एनकाउंटर करने की बात कही जा रही है और बाकी दो जो जबरन वसूली में शामिल हैं, उनके एनकाउंटर का विरोध किया जा रहा है। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि वे मुठभेड़ के खिलाफ बोल रहे हैं या स्वदेशी लोगों के मुठभेड़ के बारे में। जीपी सिंह ने कहा कि वे विदेश से लौट आएं और राज्य के विकास की यात्रा में शामिल हो जाएं। इसके बाद अगर वे संतुष्ट नहीं होते और यहां से फिर जाना चाहते तो हम उन्हें अगले दिन ही जाने देंगे।

मुझे किसी अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है असम के लोग ही मेरी रक्षा करेंगे। पुलिस सिर्फ कानून द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग कर रही है। यहां उल्लेखनीय है कि अल्फा (स्वतंत्र) ने रविवार को पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह को चेतावनी दी थी कि फर्जी मुठभेड़ छोड़ें, या असम छोड़ दें। अल्फा के बयान में कहा गया था, हमें रिपोर्ट मिली है कि डिब्रुगढ़ पुलिस ने यूनाइटेड लिबरेशन फोर्सेज ऑफ असम (स्वतंत्र) संगठन के नाम पर धन इकट्ठा करने के आरोप में तिनसुकिया के लाइपुली की पुष्पांजलि गोगोई नाम की एक महिला को 3 लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया गया है। हम असम के लोगों और असम पुलिस को सूचित करना चाहेंगे कि हमारे संगठन का उक्त महिला से कोई संबंध नहीं है। अतः अल्फा (स्वतंत्र) के नाम पर मूलनिवासियों पर अत्याचार बंद करें।