गुवाहाटी: मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने रविवार को कहा कि देश की सबसे पुरानी विधानसभाओं में से एक असम विधानसभा को नई इमारत मिलना एक मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने उम्मीद जताई कि विधायक लोगों और राज्य के लिए काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा ने दशकों में कई महत्वपूर्ण कानून बनाए हैं। शर्मा ने नए विधानसभा भवन के उद्घाटन के मौके पर कहा कि असम विधानसभा देश की सबसे पुरानी और सबसे प्रतिष्ठित विधानसभाओं में से एक है। लोकतंत्र के मंदिर के रूप में इसने असम के लिए एक नया भाग्य लिखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सभी विधायकों का स्वस्थ आचरण असम के लोगों को प्रेरित करेगा। मुझे विश्वास है कि मेरे सभी सहयोगी लोकतंत्र की भावना को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे।
शर्मा ने कहा कि हालांकि 2009 में इस इमारत को पूरा होने में समय लगा, लेकिन सरकार ने राज्य की विरासत को प्रतिबिंबित करते हुए इसे नवीनतम तकनीक से लैस करने की पूरी कोशिश की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा असम की सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करती है। कांच की छत, लकड़ी, शीर्ष पर एक शिखर, वृंदावनी वस्त्र और ऐसी अन्य सामग्रियों से सुसज्जित, यह लोकतंत्र के एक मील के पत्थर के रूप में खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह ई-विधान सुविधा, उन्नत एवं प्रणाली, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्यमंत्री, मंत्रियों के लिए कक्ष और सभी दलों के लिए पर्याप्त जगह, उन्नत केंद्रीय हॉल आदि से सुसज्जित है। उन्होंने कहा कि हमने इसे केंद्र की सेंट्रल विस्टा परियोजना के अनुरूप सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया है। शर्मा ने पिछले कुछ वर्षों में विधानसभा की ओर से पारित विभिन्न कानूनों का भी उल्लेख किया जिनमें शैक्षणिक संस्थानों के लिए मार्ग प्रशस्त करना, व्यापार में सुगमता और राज्य के लोगों के हितों की सुरक्षा से संबंधित अन्य कानून शामिल हैं।
गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून का उल्लेख करते हुए, जो उनके पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद पारित किया गया था, शर्मा ने गांधीजी द्वारा कही गई बात का उल्लेेख किया कि मेरे लिए गाय का तात्पर्य सम्पूर्ण उपमानव संसार से है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि हम गांधीजी के सपनों को आगे बढ़ाते हुए इस प्रतिष्ठित विधानसभा से गोहत्या पर रोक लगाने का महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर सके। उल्लेखनीय है कि इस मौके पर असम विधानसभा के अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी और केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने संबोधित किया।
वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री रामेश्वर तेली,सभी विधायक, सभी सांसद, विधानसभा के पूर्व अध्यक्षों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि नया विधानसभा परिसर दस एकड़ जमीन में फैला हुआ है, जिसमें मुख्य इमारत और प्रशासनिक कामकाज के लिए अन्य इमारतें शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक नए परिसर की नींव 10 साल पहले रखी गई थी और तब इसके निर्माण पर 234.84 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान था, लेकिन निर्माण कार्य में देरी और परिसर में अन्य निर्माण के कारण अब 351 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नए भवन में 180 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है, जबकि मौजूदा विधानसभा भवन में 126 विधायक बैठ सकते हैं।