नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर उभरते भारत की तस्वीर पेश की और 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने आखिरी स्वतंत्रता दिवस भाषण में विश्वास जताया कि वह अगले साल फिर से लाल किले से देशवासियों को संबोधित करेंगे। उन्होंने भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति के लिए विपक्षी दलों पर निशाना भी साधा। मोदी ने जीवन और शासन के हर क्षेत्र में 'सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्षता' को बढ़ावा देने का आह्वान किया और आगामी चुनावों से पहले जनता को 'परिवारवादी' पार्टियों से आगाह भी किया। उन्होंने लोगों को 'मोदी की गारंटी' का आश्वासन देते हुए कहा कि अगले पांच सालों में वह भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ताकत बनाकर रहेंगे। प्रधानमंत्री ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आगामी पांच वर्षों को भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में 'सबसे बड़ा स्वर्णिम पल' करार दिया और देशवासियों का आह्वान किया कि वे इस अवसर को न गंवाएं, क्योंकि इस कालखंड में उठाए गए कदम आने वाले एक हजार साल के इतिहास का निर्माण करेंगे।
मोदी ने कहा कि यह आत्मविश्वास से भरा नया भारत है और अपने संकल्पों को पूरा करने के लिए समर्पित है। लाल किले की प्राचीर से करीब 90 मिनट के राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने पिछले कई संबोधनों के विपरीत, किसी बड़ी कल्याणकारी योजना या प्रमुख नीतिगत पहल की घोषणा नहीं की, लेकिन उनके नौ वर्षों के कार्यकाल में भारत के विकास की प्रगति और वैश्विक कद में वृद्धि का एक सकारात्मक विषय उनके भाषण का मुख्य आकर्षण रहा। उन्होंने खुद को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया, जो जनता से उभरा है और उनके लिए जीवन और सपने देखता है। उन्होंने कहा कि मैं आपके बीच से निकला हूं, मैं आपके लिए जीता हूं। अगर मुझे सपना भी आता है, तो आपके लिए आता है। अगर मैं पसीना भी बहाता हूं, तो आपके लिए बहाता हूं, इसलिए नहीं कि आपने मुझे दायित्व दिया है, मैं इसलिए कर रहा हूं कि आप मेरे परिवारजन हैं और आपके परिवार के सदस्य के नाते मैं आपके किसी दुख को देख नहीं सकता हूं।
उन्होंने महिलाओं व समाज के गरीब एवं वंचित तबकों पर केंद्रित योजनाओं पर बल दिया और भावी एजेंडा पेश करते हुए युवाओं को संदेश दिया कि देश उन्हें हर प्रकार के अवसर उपलब्ध कराने को तैयार है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जिस परियोजना का शिलान्यास करती है, उसका उद्घाटन भी वही करती है। वर्ष 2024 के अगले लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री के रूप में लाल किले की प्राचीर से यह मोदी का 10वां और दूसरे कार्यकाल का आखिरी संबोधन था। अगले साल मई-जून में लोकसभा चुनाव होने हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मणिपुर हिंसा का भी उल्लेख किया और कहा कि शांति से ही समाधान का रास्ता निकलेगा तथा इसके लिए केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिया कि महंगाई से राहत देने के लिए उनके नेतृत्व वाली सरकार के प्रयास जारी रहेंगे। लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में 2,000 से अधिक मेहमानों ने भाग लिया, जिसमें मंत्री, राजनयिक, अमरीकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के 400 सरपंच, पूरे भारत से 50 नर्स और उनके परिवार और स्कूलों के 50 असाधारण शिक्षक शामिल थे। सफेद कुर्ता और चूड़ीदार पायजामा के साथ बहुरंगी राजस्थानी बांधनी प्रिंट का साफा पहने प्रधानमंत्री ने लाल किला पहुंचने के बाद सलामी गारद का निरीक्षण किया और फिर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया।