नई दिल्ली : चीन की ताजा हरकत से एक बार फिर उसके गलत इरादे जगजाहिर हो गए हैं। चीन ने सोमवार को अपने स्टैंडर्ड मैप का 2023 एडिशन लांच किया, जिसमें अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को अपने देश का हिस्सा बता दिया है। इतना ही नहीं, ताइवान और विवादित दक्षिणी चीन को भी चीन के लेटेस्ट नक्शे में दर्शाया गया है। बता दें कि भारत अरुणाचल प्रदेश के बारे में लगातार कहता रहा है कि यह प्रदेश उसका अभिन्न हिस्सा था है और हमेशा रहेगा। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह नक्शा पोस्ट किया है। इस पोस्ट में लिखा है कि चीन के स्टैंडर्ड मैप का 2023 का ऑफिशियल एडिशन सोमवार को जारी किया गया। इसके मुताबिक इसे प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय द्वारा होस्ट की जाने वाली मानक मानचित्र सेवा की वेबसाइट पर लॉन्च किया गया। ग्लोबल टाइम्स द्वारा प्रदर्शित नक्शे में अरुणाचल प्रदेश, जिसे चीन दक्षिण तिब्बत के रूप में दावा करता है और अक्साई चिन, जिस पर 1962 के युद्ध में उसका कब्जा था, को चीन का हिस्सा दिखाया गया है। 

चीन के इस नक्शे में ताइवान द्वीप और दक्षिण चीन सागर के एक बड़े हिस्से को चीनी क्षेत्र के रूप में भी शामिल किया गया है। इन दोनों पर भी चीन ने दावा किया है। चीन ताइवान को अपनी मुख्य भूमि का हिस्सा बताता है और मुख्य भूमि के साथ इसका एकीकरण चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के एक निर्धारित उद्देश्य का हिस्सा है। वियतनाम, फिलीपीन, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान दक्षिण चीन सागर क्षेत्रों पर अपना दावा करते हैं। दूसरी तरफ भारत ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को चीन के मानचित्र में दिखाए जाने के संबंध में पड़ोसी देश के दावों को मंगलवार को ‘आधारहीन’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि चीनी पक्ष के ऐसे कदम सीमा से जुड़े विषय को केवल जटिल ही बनाएंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने चीन के तथाकथित ‘मानक मानचित्र’ के 2023 के संस्करण के बारे में पूछे गए सवालों पर अपने बयान में कहा कि हमने चीन के तथाकथित ‘मानक मानचित्र’ के 2023 के संस्करण पर राजनयिक माध्यमों के जरिए आज कड़ा विरोध दर्ज कराया है जो भारतीय क्षेत्र पर दावा करता है।

बागची ने कहा कि हम इन दावों को खारिज करते हैं जिसका कोई आधार नहीं है। चीनी पक्ष के ऐसे कदम सीमा से जुड़े विषय को केवल जटिल ही बनाएंगे।  वहीं चीन की इस हिमाकत के बाद सियासी हलकों में सवाल उठने शुरू हो गए हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने चीन के दावे को बेतुका बताया है। तिवारी ने कहा- चीनी मैप मानक मानचित्र नहीं हैं। ये चीन-भारत सीमा विवाद के इतिहास से मेल नहीं खाते। ऐसे में चीन का दावा बेतुका है। आज असली मुद्दा यह है चीनियों ने थिएटर स्तर पर कई बिंदुओं पर वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया है। तिवारी ने कहा कि सितंबर में होने वाले जी 20 मीटिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आ रहे हैं।

ऐसी परिस्थितियों में सरकार को गंभीरता से आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि क्या जिनपिंग की मेजबानी करना भारत के स्वाभिमान के अनुरूप होगा। वहीं शिवसेना (यूबीटी) गुट के नेता संजय राउत ने पीएम मोदी से सवाल पूछा है। संजय राउत ने कहा कि क्या प्रधानमंत्री के अंदर हिम्मत है कि वह चीन पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दें? राउत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को इस मामले में ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम हाल ही में ब्रिक्स सम्मेलन से लौटे हैं। वहां पर उन्होंने चीन के अधिकारियों को गले भी लगाया था। इस तरह की घटनाएं हमारा दिल तोड़ देती हैं। शिवसेना नेता ने आगे कहा कि राहुल गांधी सही कह रहे थे कि चीन हमारे देश में घुस चुका है।