गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने राज्य में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जांच क्षमताओं को बढ़ाने के लिए असम सरकार की पहल को जारी रखते हुए बृहस्पतिवार को असम सचिवालय परिसर में आयोजित एक समारोह में फोरेंसिक विज्ञान निदेशालय के लिए सात मोबाइल फोरेंसिक वैन की पहली बैच को हरी झंडी दिखाई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने विश्वास जताया कि ये मोबाइल फोरेंसिक वैन असम पुलिस की फोरेंसिक साक्ष्य संग्रह क्षमताओं में बहुत बड़ा योगदान देगी, जिससे आने वाले दिनों में सजा दरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  यह अक्सर देखा जाता है कि  गंभीर आपराधिक अपराधों के आरोपी विचाराधीन कैदी पर्याप्त सबूतों की कमी के कारण छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित ये मोबाइल फोरेंसिक वैन कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जल्द से जल्द अपराध स्थल तक पहुंचने में मदद करेंगे और जांचकर्ताओं को महत्वपूर्ण सबूत इकठ्ठा करने और संरक्षित करने में सक्षम बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इनमें से प्रत्येक वैन के लिए पर्याप्त संख्या में संसाधन व्यक्तियों और फोरेंसिक विशेषज्ञों को आवंटित किया जाएगा।

आने वाले दिनों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बड़ी संख्या में ऐसे मोबाइल फोरेंसिक वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि हत्या से लेकर मादक पदार्थों की तस्करी जैसे कुछ अपराधों से निपटने के लिए राज्य में एक मजबूत फोरेंसिक विज्ञान व्यवस्था लागू करना जरूरी है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राज्य भर में चार क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया गया था, जिनमें से तीन पहले से ही चालू हैं।