नई दिल्ली : असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को दावा किया कि हर राज्य के लोग चाहते हैं कि देश को भारत के नाम से जाना जाए और जब तक सूर्य और चंद्रमा रहेगा , देश भारत ही रहेगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल हिंदू धर्म और भारत नाम को खत्म करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए दावा किया कि भारत उतना ही पुराना है जितना सूर्य और चंद्रमा। जब तक सूर्य और चंद्रमा अस्तित्व में हैं, तब तक भारत भी अस्तित्व में रहेगा। शर्मा की टिप्पणी तब आई जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भेजे गए जी20 रात्रिभोज के निमंत्रण के बाद हंगामा खड़ा हो गया, जिसमें उनकी स्थिति को 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' की जगह 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' के रूप में वर्णित किया गया हैष विपक्ष ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार इंडिया को हटाकर देश का नाम सिर्फ भारत रखने की योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष साजिश कर रहा है कि हिंदू धर्म को खत्म कर दिया जाए। अब, वे इसके पीछे हैं और भारत को भी खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जाकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से पूछना चाहिए कि उन्होंने अपने पैदल मार्च का नाम भारत जोड़ो यात्रा क्यों रखा। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस हिंदुओं और भारत के खिलाफ है। शर्मा ने कहा कि संविधान में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इंडिया का मतलब भारत है। उन्होंने कहा कि भारत का यह नाम हजारों वर्षों से है। हमारे देश का नाम भारत था, अब यह भारत है और भारत ही रहेगा।
उन्होंने कहा कि देश अमृत काल की ओर बढ़ रहा है और आश्चर्य जताया कि देश को अंग्रेजी नाम से क्यों जाना जाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि यह एक भारतीय नाम और भारतीय शब्द के साथ होना चाहिए। इससे पहले, एक्स पर कई पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा था कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस को भारत से सख्त नफरत है और विपक्षी गठबंधन ने भारत को हराने के उद्देश्य से जान-बूझकर अपने नाम के रूप में इंडिया चुना है। उन्होंने एक्स पर लिखा, भारत गणराज्य- रिपब्लिक ऑफ भारत -खुशी और गर्व है कि हमारी सभ्यता अमृत काल की ओर मजबूती से बढ़ रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश की एक पोस्ट का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा अब मेरी आशंका सही साबित हो गई है।
ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी की भारत के प्रति घोर नापसंदगी है। ऐसा प्रतीत होता है कि भारत को शिकस्त देने के लिए 'आईएनडीआई गठबंधन'(इंडिया) नाम इरादतन चुना गया। मालूम हो कि कांग्रेस, 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' (इंडिया) का हिस्सा है। रमेश ने 'एक्स' पर कहा कि यह खबर वास्तव में सच है। राष्ट्रपति भवन ने जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए नौ सितंबर का निमंत्रण पत्र 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' के बजाय 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' के नाम से भेजा है। इस मुद्दे पर सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इतिहास के साथ छेड़-छाड़ करने और देश को बांटने का भी आरोप लगाया।