डिब्रूगढ़ : 2021 के चुनाव से पहले जितने भी महिलाओं ने 75 हजार रुपए तक का कर्ज लिए हैं उनका कर्ज सरकार देगी, पर यह कार्य बारी-बारी से किया जाएगा। इस बार 25 हजार रुपए तक वालों को दिया जा रहा है। इसके बाद 50 हजार व 75 हजार रुपए लेने वाली महिलाओं को भी यह सुविधा मिलेगी। यही नही आत्म सहायक गुटों को दस हजार रुपए दिए जाएंंगे। यदि गुट बेहतर कार्य करेगी तो पुन: 15 हजार रुपए सरकार की तरफ से दिया जाएगा। भाजपा अंडे देने वाली बतख है, इसको बचा कर रखेंगे तो भविष्य में और लाभान्वित होंगे। यह बात मुख्यमंत्री डॉ .हिमंत विश्वशर्मा ने आज सोमवार को डिब्रूगढ़ के मानकटा खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में असम माइक्रोफाइनेंस प्रोत्साहन और राहत योजना के तहत  22,172 उधारकर्ताओं नो ड्यूज सर्टिफिकेट प्रदान करते हुए अपने संबोधन में कही। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली के साथ मंत्री विमल बोरा, विधायक क्रमश: प्रशांत फुकन, चक्रधर गोगोई, विनोद हजारिका और पुनाकन बरुवा के साथ ही अन्य पार्टी व विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने आम जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की महिलाओं को कर्ज से उबरने के लिए सरकार ने यह पहल की है, लेकिन इसके बाद ऐसा होने वाला नहीं है। इस लिए माइक्रोफाइनेंस से कर्ज न लें। क्योंकि वे 24 प्रतिशत सूद लेते हैं। आज जिन्हें नो ड्यूज सर्टिफिकेट मिलेगा वे किसी बैंक से लगभग 12 प्रतिशत पर कर्ज ले सकते हैं, यदि आवश्यकता हो तो। क्योंकि कर्ज लेने से उसे चुकाना भी पड़ता है। इसलिए आय को बढ़ाने के लिए कर्ज लेना अच्छा है पंर इस प्रकार लेना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं के साथ मजाक करते हुए कहा कि बतख जब अंडी देता है तो लोग अंडा खाते हैं पर यहां तो बतख को ही मारकर खा जाते है तो फिर अंडा कहां से आएगा।

इस लिए अंडा खाएं बतख को न खाएं। इसी प्रकार सरकार आत्म सहायक गुट को दस हजार रुपए देगी। इसके बाद 15 हजार रुपये देगी। भाजपा अंडे देने वाली बतख है। इसका समर्थन कीजिये तो और अधिक लाभ मिलते रहेगा। इसके साथ ही भविष्य में और जनकल्याणकारी योजनाओं के आगमन की बात कही। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा ने संवादकर्मियो को बताया कि असम की ढाई लाख महिलाओं को सोमवार को असम माइक्रोफाइनेंस प्रोत्साहन और राहत योजना के तहत नो ड्यूज सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। जिसके लिए असम सरकार ने चार हजार करोड़ रुपए अदा किए है।