गुवाहाटी : दुलियाजान शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर गजल बस्ती स्थित ऑयल इंडिया लिमिटेड के एनएसके-67 तेल कुएं पर बीती रात करीब साढ़े नौ बजे एक विस्फोट हुआ। इस विस्फोट के बाद उक्त तेल कुंए से अनियंत्रित ब्लो-आउट के कारण बाघजान जैसी एक और घटना होने की आशंका प्रबल हो गई और इसको लेकर दुलियाजान में काफी दहशत है। ऑयल इंडिया के मुताबिक 2016 से निष्क्रिय अवस्था में रहे उक्त कुएं की जमीन के ऊपरी भाग में स्थापित  क्रिसमस ट्री का शीर्ष भाग कोई बदमाश काट कर  ले गया, तब से उस कुएं से पानी और अन्य तरल पदार्थ  अनियंत्रित रूप से निकल रहे हैं। हालांकि, ऑयल इंडिया ने कहा कि बरडुबी तेल क्षेत्र स्थित इस कुंए से केवल पानी और अन्य तरल पदार्थ ही निकले हैं लेकिन इसके साथ तेजी से हो रहे गैस रिसाव के कारण तेल का कुआं के बाघजान जैसे हो जाने की आशंका से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गया है।

ऑयल इंडिया की संकट प्रबंधन टीम पहले से ही सक्रिय रूप से घटना की निगरानी कर रही है और कई अग्निशमन वाहनों को कुएं के आसपास तैनात किया गया है। ऑयल इंडिया ने स्थानीय लोगों को खाना पकाने के लिए आग जलाने से रोक दिया है और अपनी तरफ से उन्हें खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई है। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों का डर और चिंताएं दोगुनी हो गई हैं। ऑयल ने घटना के संबंध में जिला प्रशासन को सूचित कर दिया है और स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

तेल विशेषज्ञ कुएं को बंद करने के अपने प्रयास जारी रख रहे हैं और एक ऑनसाइट टास्क फोर्स प्रवाह को नियंत्रित करने और कुएं को बंद करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ काम कर रही है। यह घटना डिरियल चाय बागान और महादेउबारी चाय बागान की श्रमिक लाइनों के पास हुई। श्रमिक लाइन के निवासी फिलहाल अपने घरों से बाहर रह रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक घटना में कोई प्रभावित नहीं हुआ और स्थिति पर भी काबू नहीं पाया जा सका है। इसी बीच ऑयल इंडिया ने शुक्रवार सुबह आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी और आगामी दुर्गा पूजा की पूर्व संध्या पर छुट्टी के लिए आवेदन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दीं।

प्रशासन ने दुर्घटना घटित होने वाले तेल के कुएं के पास के क्षेत्र में ओआईएल कर्मचारियों के अलावा किसी अन्य को प्रवेश करने से रोकने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए गए हैं। ऑयल इंडिया ने जनता को आश्वासन दिया कि कुआं निष्क्रिय होने के कारण कोई गंभीर घटना नहीं होगी और जल्द ही इस पर काबू पा लिया जाएगा। हालांकि,घटना के 24 घंटे बाद भी नियंत्रण के कोई संकेत नहीं दिखे हैं जिसके कारण स्थानीय लोग आश्वस्त होने के बजाय डरे हुए हैं।