उत्तरकाशी (उत्तराखंड) : उत्तराखंड में सिलक्यारा सुरंग में चल रहे बचाव अभियान में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कामयाबी मिली जब बचावकर्मियों ने सुरंग के अवरूद्ध हिस्से में 'ड्रिलिंगट कर मलबे के आर-पार 53 मीटर लंबी छह इंच व्यास की पाइपलाइन डाल दी जिसके जरिए पिछले आठ दिनों से सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को ज्यादा मात्रा में खाद्य सामग्री, संचार उपकरण तथा अन्य जरूरी वस्तुएं पहुंचाई जा सकेंगी। इससे पहले, श्रमिकों तक आक्सीजन, हल्की खाद्य सामग्री, मेवे, दवाइयां और पानी पहुंचाने के लिए चार इंच की पाइप का इस्तेमाल किया जा रहा था। दूसरी लाइफ लाइन कही जा रही इस पाइपलाइन के जरिए अब श्रमिकों तक रोटी और सब्जी भी भेजी जा सकेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के निदेशक अंशु मनीष खाल्को, उत्तरकाशी के जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला और सुरंग के भीतर संचालित बचाव अभियान के प्रभारी कर्नल दीपक पाटिल ने संयुक्त रूप से मीडिया को यह जानकारी दी। खाल्को ने कहा कि पिछले कई दिनों से चल रहे बचाव अभियान की यह पहली कामयाबी है और इसके बाद श्रमिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के प्रयास तेजी से जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमने मलबे के दूसरी ओर तक 53 मीटर की पाइप भेज दी है और (अंदर फंसे) श्रमिक अब हम सुन सकते हैं और महसूस कर सकते हैं। इस पाइपलाइन के डाले जाने से अंदर फंसे श्रमिकों के जीवन को सुरक्षित बनाये रखने का भरोसा कई गुना बढ़ा है जिससे श्रमिकों और उनके परिजनों के साथ ही बचाव कार्यों में लगे लोगों में भी खुशी और उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बीच, उत्तराखंड सरकार में सचिव डॉ नीरज खैरवाल ने परियोजना एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ सुरंग का निरीक्षण कर बचाव अभियान का जायजा लिया।
दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिल्क्यारा सुरंग में पिछले आठ दिनों से फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी बचाव और राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली तथा उनका मनोबल बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। सुरंग हादसे के नौवें दिन बचाव अभियान में सहयोग करने के केंद्र सरकार के आग्रह पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सुरंग विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स भी सिलक्यारा पहुंच गए और उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ रणनीति पर चर्चा की।
वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक बचाव उपकरण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा केंद्र और राज्य की एजेंसियों के परस्पर समन्वय से श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। धामी के अनुसार प्रधानमंत्री ने फंसे श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने मोदी को अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य और केंद्र की विभिन्न एजेंसियां विशेषज्ञों की राय लेकर परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।